रांची: 1857 के महान स्वाधीनता संग्राम के नायक शहीद गणपत राय की गौरव गाथा को राष्ट्रीय पटल पर पहचान दिलाने की मांग तेज हो गई है. आजसू पार्टी ने शहीद स्मारक पर श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए राज्य के गुमनाम क्रांतिवीरों के इतिहास को संजोने का संकल्प दोहराया. इस अवसर पर गिरिडीह सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने केंद्र सरकार से संसद भवन में शहीद गणपत राय का चित्र लगाने की पुरजोर वकालत की.
शौर्य को नमन
सांसद चंद्रप्रकाश चौधरी ने कहा कि शहीद गणपत राय ने अपने अदम्य साहस से ब्रिटिश हुकूमत की चूलें हिला दी थीं और उन्हें झारखंड से खदेड़ने में मुख्य भूमिका निभाई थी. सांसद ने चिंता व्यक्त की कि झारखंड के कई वीरों की गाथाएं आज भी गुमनाम हैं. उन्होंने नई पीढ़ी को इन महापुरुषों की जीवनी से परिचित कराने की आवश्यकता पर जोर दिया. झारखंड आंदोलनकारी प्रवीण प्रभाकर ने शहीद गणपत राय को बागियों का कुशल कमांडर बताते हुए उनके रणनीतिक कौशल को याद किया.
ये रहे मौजूद
कार्यक्रम की अध्यक्षता वरिष्ठ अधिवक्ता पांडे पी एन राय पंकज ने की. इस दौरान स्मारक समिति की अध्यक्ष डॉ. वंदना राय और राजेश लाल ने अतिथियों का स्वागत किया. कार्यक्रम में विमल साहू, हरीश कुमार, सुदेश कुमार, कुमोद वर्मा, परवाज खान, डॉ. पार्थ परितोष और अमित साहू सहित काफी संख्या में आजसू पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे.
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