झारखंड निकाय चुनाव: मतदान के बाद दावों का दौर शुरू, झामुमो ने कहा बनेगी शहर की सरकार,भाजपा ने लगाया धांधली का आरोप

रांची: झारखंड में शहरी निकाय चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब प्रदेश की सियासत गर्मा गई है.राज्य की सत्ताधारी...

रांची: झारखंड में शहरी निकाय चुनाव के लिए मतदान संपन्न होने के बाद अब प्रदेश की सियासत गर्मा गई है.राज्य की सत्ताधारी पार्टी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) और मुख्य विपक्षी दल भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) दोनों ने ही अपनी-अपनी जीत के बड़े दावे किए हैं. जहां झामुमो ने चुनाव को शांतिपूर्ण बताते हुए प्रशासन का आभार जताया है, वहीं भाजपा ने सरकार पर चुनावी धांधली और प्रशासनिक दुरुपयोग के गंभीर आरोप लगाए हैं.

झामुमो का दावा: 9 नगर निगमों में लहराएगा परचम:

झामुमो के प्रधान महासचिव और प्रवक्ता सुप्रियो भट्टाचार्य ने मतदान प्रक्रिया के सफल संचालन के लिए राज्य निर्वाचन आयोग, पुलिस और प्रशासन की सराहना की. उन्होंने कहा कि चुनौतियों के बावजूद चुनाव शांतिपूर्ण रहे. भट्टाचार्य ने दावा किया कि राज्य के नौ नगर निगमों में झामुमो एक से दो तिहाई सीटों पर जीत दर्ज करेगी. उन्होंने मतदान प्रतिशत में 49 प्रतिशत की वृद्धि को बदलाव का संकेत बताया. भाजपा द्वारा बैलेट पेपर पर उठाए गए सवालों का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि जापान, अमेरिका और कोरिया जैसे विकसित देश भी बैलेट का उपयोग करते हैं.उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ईवीएम की तरह बैलेट पेपर में हेरफेर नहीं कर पा रही, इसलिए असहज है. निकाय चुनाव में झामुमो, कांग्रेस और राजद के अलग-अलग चुनाव लड़ने पर उन्होंने कहा कि यह गली-मुहल्ले की लड़ाई थी जो मतदान के साथ खत्म हो गई. कई सीटों पर कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का सहयोग भी किया है.

भाजपा के आरोप: प्रशासन की मदद से कराया गया बोगस मतदान:

दूसरी ओर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने प्रेस वार्ता कर राज्य सरकार पर चुनाव को प्रभावित करने का आरोप लगाया.उन्होंने कहा कि सरकार ने प्रशासनिक हस्तक्षेप के जरिए भाजपा समर्थित प्रत्याशियों को रोकने की कोशिश की.साहू ने आरोप लगाया कि 20 हजार से ज्यादा मतदान कर्मियों को वोट देने से वंचित रखा गया और उनके लिए पोस्टल बैलेट का कोई प्रावधान नहीं किया गया.

प्रशासन एक विशेष समुदाय का वोट प्रतिशत बढ़ाने में जुटा रहा:

भाजपा अध्यक्ष ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि प्रशासन एक विशेष समुदाय’ का वोट प्रतिशत बढ़ाने में जुटा रहा, जबकि भगवा गमछा पहनकर आए मतदाताओं के साथ दुर्व्यवहार किया गया. उन्होंने गिरिडीह और जुगसलाई का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां एक वर्ग विशेष के लोग हथियार लेकर मतदाताओं को डरा रहे थे.उन्होंने आरोप लगाया कि मुस्लिम मतदाताओं की आईडी जांच में दोहरा मापदंड अपनाया गया. आदित्य साहू ने कहा कि मेयर और पार्षद के वोट एक ही बक्से में डाले गए हैं, जो मतगणना को प्रभावित करने की साजिश हो सकती है.यदि मतगणना में गड़बड़ी हुई, तो भाजपा कार्यकर्ता उग्र आंदोलन करेंगे.

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