New Delhi: विश्व पृथ्वी दिवस के अवसर पर, वेदांता लिमिटेड (एनएसई: वीईडीएल), जो भारत की प्रमुख मेटल्स, ऑयल एंड गैस, क्रिटिकल मिनरल्स, पावर और टेक्नोलॉजी कंपनी है, ने घोषणा की कि वित्त वर्ष 2026 में उसके नवीकरणीय ऊर्जा उपयोग में पिछले वर्ष की तुलना में 50% से अधिक वृद्धि होकर 3.97 बिलियन यूनिट (बीयू) हो गई है. इस दौरान कंपनी ने 30 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन से बचाव किया.
क्रिटिकल मिनरल्स क्लीन टेक को आगे बढ़ाने में कर रहे मदद
वेदांता का रणनीतिक धातुओं और क्रिटिकल मिनरल्स का पोर्टफोलियो उन्नत मैन्युफैक्चरिंग, वैश्विक ऊर्जा परिवर्तन और क्लीन टेक को आगे बढ़ाने में मदद कर रहा है. एल्युमिनियम हल्के और ऊर्जा-कुशल परिवहन तथा बिजली ट्रांसमिशन को समर्थन देता है, वहीं कॉपर विद्युतिकरण और पवन टर्बाइन जैसी नवीकरणीय अवसंरचना में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. सिल्वर सोलर फोटोवोल्टिक में अनिवार्य है. आयरन, स्टील और जिंक ऊर्जा अवसंरचना की मजबूत नींव बने हुए हैं, जबकि पावर और ऑयल एंड गैस ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करते हैं, जब तक नवीकरणीय ऊर्जा उत्पादन मांग के अनुसार तेजी से बढ़ रहा है.
वेदांता के एकीकृत संचालन और नवाचार पर ध्यान देश की इंडस्ट्री को ऐसे ट्रांजिशन मटेरियल्स की भरोसेमंद उपलब्धता सुनिश्चित कर रहे हैं, जो लो-कार्बन तकनीकों और हरित अर्थव्यवस्था के लिए बेहद जरूरी हैं.
नेट जीरो यात्रा में लगातार ठोस प्रगति कर रही कंपनी
कंपनी अपनी नेट जीरो यात्रा में लगातार ठोस प्रगति कर रही है. उसने मेटल्स इंटेंसिटी में 15% की कमी की है, जो वित्त वर्ष 2021 के 6.45 tCO₂e/tm के बेसलाइन से घटकर वित्त वर्ष 2026 में 5.44 tCO₂e/tm हो गई है. यह परिचालन दक्षता को दर्शाता है. वेदांता ने वैकल्पिक ईंधन के रूप में 365 किलो टन बायोमास का भी उपयोग किया है, जिससे अनुमानित 5 से 6 लाख टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आई है. इसके साथ ही, कंपनी ने अपने विभिन्न व्यवसायों में जल संरक्षण की दिशा में भी महत्वपूर्ण प्रगति की है. हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड, केर्न ऑयल एंड गैस और इसके आयरन ओर बिजनेस ने नेट वॉटर पॉजिटिव स्थिति हासिल की है, जो मुख्य संचालन में स्थिरता को शामिल करने की इसकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है.
ईएसएल स्टील लिमिटेड का योगदान
पृथ्वी दिवस 2026 के अवसर पर, ईएसएल स्टील लिमिटेड ने जलवायु लचीलापन, जैव विविधता और संसाधन दक्षता पर केंद्रित पहलों के माध्यम से अपनी इस प्रतिबद्धता को दोहराया. कंपनी 70,000 से अधिक देशी पौधों के साथ मियावाकी वनों का विकास कर रही है, जिनसे प्रति वर्ष लगभग 1,000–1,500 टन CO₂ अवशोषित होने की उम्मीद है. इसके साथ ही 10 किलोमीटर के पक्षी सर्वेक्षण और पक्षियों के लिए जल सुविधाओं के माध्यम से जैव विविधता को सुदृढ़ किया जा रहा है.
ईएसएल स्टील ने भारतीय उद्योग परिसंघ (CII) से प्रतिष्ठित इकोलेबल ग्रीनप्रो प्रमाणन प्राप्त किया है, जिसके तहत उसके प्रमुख तैयार उत्पाद टीएमटी (V-XEGA) को ग्रीन प्रोडक्ट के रूप में मान्यता दी गई है.
साथ ही कंपनी अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिए ईटीपी और एसटीपी प्रणालियों का उपयोग कर रही है, जिसमें उपचारित जल का 100% पुन: उपयोग सुनिश्चित किया जाता है. इसके अलावा, सिंगल-यूज प्लास्टिक को समाप्त करने, सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देने और सौर ऊर्जा संयंत्र के माध्यम से स्वच्छ ऊर्जा को आगे बढ़ाने के प्रयास भी जारी हैं.
रवीश शर्मा, डिप्टी सीईओ एवं पूर्णकालिक निदेशक, ईएसएल स्टील लिमिटेड ने कहा, कि “ईएसएल स्टील में सततता हमारे संचालन का अभिन्न हिस्सा है. हरित क्षेत्र का विस्तार करने से लेकर परिपत्र (सर्कुलर) प्रथाओं को अपनाने और जैव विविधता को बढ़ावा देने तक, हम पर्यावरण और आसपास के समुदायों पर सकारात्मक और दीर्घकालिक प्रभाव बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं.”
जमीनी स्तर पर जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा दे रही कंपनी
अपने संचालन से आगे बढ़कर, वेदांता समुदायों, संस्थानों और सरकारों के साथ साझेदारी कर जमीनी स्तर पर जलवायु कार्रवाई को बढ़ावा दे रहा है, साथ ही पर्यावरण संरक्षण को समावेशी और दीर्घकालिक सामुदायिक विकास के साथ जोड़ रहा है.
वेदांता के सस्टेनेबिलिटी प्रदर्शन को वैश्विक स्तर पर लगातार मान्यता मिल रही है, जिसकी प्रमुख उपलब्धियों में शामिल हैं:
लीडरशिप और रैंकिंग: हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड ने एसएंडपी ग्लोबल सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में दुनिया में #1 रैंक हासिल की, जबकि वेदांता ग्रुप लगातार तीसरे साल इस ईयरबुक में शामिल हुआ. वेदांता एल्युमिनियम भी एसएंडपी सस्टेनेबिलिटी ईयरबुक 2026 में दुनिया की टॉप 10 कंपनियों में शामिल रहा, जो उसके मजबूत वैश्विक ईएसजी प्रदर्शन को दर्शाता है.
वैश्विक मानक और प्रमाणन: हिंदुस्तान जिंक लिमिटेड अंतरराष्ट्रीय काउंसिल ऑन माइनिंग एंड मेटल्स (आईसीएमएम) में शामिल होने वाली पहली भारतीय माइनिंग कंपनी बनी, जो वैश्विक सर्वोत्तम मानकों के अनुरूप एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है. इसे बिजनेस रिस्पॉन्सिबिलिटी और सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग में उत्कृष्टता के लिए आईसीएआई सस्टेनेबिलिटी रिपोर्टिंग अवॉर्ड भी मिला. वहीं, वेदांता ने सीडीपी वाटर स्कोर A- और सप्लायर एंगेजमेंट रेटिंग A- हासिल कर अपने ईएसजी प्रदर्शन को और मजबूत किया. ईएसएल स्टील के वी-जेगा टीएमटी बार्स को ग्रीनप्रो सर्टिफिकेशन मिला, जबकि केर्न ऑयल एंड गैस ने ऑयल एंड गैस मीथेन पार्टनरशिप 2.0 के तहत “गोल्ड स्टैंडर्ड पाथवे” हासिल किया.
उत्पाद और संचालन उत्कृष्टता: वेदांता एल्युमिनियम ने बाल्को में “रेस्टोरा” के साथ अपने लो-कार्बन ‘ग्रीन’ एल्युमिनियम पोर्टफोलियो का विस्तार किया. वहीं, आयरन ओर बिजनेस को फेडरेशन ऑफ इंडियन मिनरल इंडस्ट्रीज द्वारा बेहतरीन ईएसजी प्रथाओं के लिए सम्मानित किया गया, जो जिम्मेदार संचालन और टिकाऊ उत्पाद नवाचार में निरंतर प्रगति को दर्शाता है.
जैसे-जैसे दुनिया जलवायु परिवर्तन की गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है, वेदांता अपनी रणनीति के केंद्र में सस्टेनेबिलिटी को शामिल करने के लिए प्रतिबद्ध है. जिम्मेदार विकास को आगे बढ़ाते हुए, हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग और ऊर्जा परिवर्तन को सक्षम बनाते हुए और सभी हितधारकों के लिए दीर्घकालिक मूल्य सृजन कर रहा है.
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