SAURAV SINGH
रांची: चतरा के सिमरिया में सोमवार यानि 23 फरवरी शाम में हुए एयर एंबुलेंस क्रैश ने एक बार फिर राज्य में विमान सुरक्षा और पुरानी यादों को झकझोर कर रख दिया है. झारखंड का भूगोल और बदलता मौसम कई बार पायलटों के लिए चुनौती बना है. चतरा में हुए विमान क्रैश घटना के बाद, राज्य में हुए पिछले डेढ़ दशक के दौरान हुए छह बड़े विमान हादसों की चर्चा तेज हो गई है .आइए जानते झारखंड के इतिहास की उन प्रमुख विमान दुर्घटनाओं के बारे में.

जब बाल-बाल बचे थे पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा:
यह झारखंड के सबसे चर्चित विमान हादसों में से एक है. राज्य के तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, अपनी पत्नी मीरा मुंडा और चार अन्य लोगों के साथ रांची के नौ मई 2012 को बिरसा मुंडा एयरपोर्ट पर लैंड कर रहे थे. लैंडिंग के दौरान हेलीकॉप्टर अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया. अर्जुन मुंडा को गंभीर चोटें आईं, लेकिन सभी की जान बच गई. इस चमत्कारिक बचाव के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री आवास में एक हनुमान मंदिर का निर्माण करवाया था.
खूंटी के जंगलों में बीएसएफ हेलीकॉप्टर क्रैश, तीन लोगों की गई थी जान:

रांची और खूंटी की सीमा पर स्थित घने जंगलों में बीएसएफ का एक हेलीकॉप्टर साल 2011 में दुर्घटनाग्रस्त हो गया था. टेक ऑफ के कुछ ही समय बाद तकनीकी खराबी के कारण पायलट ने नियंत्रण खो दिया और विमान पेड़ों से जा टकराया. इस भीषण हादसे में पायलट, को-पायलट और एक तकनीकी स्टाफ सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी.
धनबाद के रिहायशी इलाके में गिरा ग्लाइडर:

धनबाद के बरवाअड्डा एयरस्ट्रिप से उड़ान भरने वाला एक ग्लाइडर महज कुछ ही मिनटों बाद बिरसा मुंडा पार्क के पास एक निजी आवास के पिलर से जा टकराया. गनीमत रही कि विमान में आग नहीं लगी, लेकिन पायलट और एक बच्चा इस घटना में गंभीर रूप से घायल हो गए. जांच में इस दुर्घटना का कारण भी तकनीकी खराबी पाया गया. यह घटना मार्च 2023 में हुई थी.
दुमका में ग्लाइडर रनवे से टकराकर दो टुकड़ों में बंट गया:

दुमका में फरवरी 2020 को एयरपोर्ट पर लैंडिंग के समय एक टू-सीटर ट्रेनिंग ग्लाइडर रनवे से टकराकर दो टुकड़ों में बंट गया. इस हादसे में एक इंजीनियर की जान चली गई, जबकि पायलट गंभीर रूप से घायल हुआ था.
पाकुड़-गोड्डा सीमा पर वायु सेना का हेलिकॉप्टर हुआ था क्रैश:

पाकुड़-गोड्डा सीमा पर सितंबर 2010 को।भारतीय वायु सेना का चेतक हेलीकॉप्टर खराब मौसम की चपेट में आ गया. कलाइकुंडा से बागडोगरा जाते समय यह क्रैश हुआ, जिसमें तीन सैन्य कर्मियों (पायलट, को-पायलट और तकनीशियन) ने अपनी जान गंवा दी थी.
चांडिल डैम का वो खौफनाक मंजर, दो पायलट की हुई थी मौत:

जमशेदपुर के सोनारी एयरपोर्ट से उड़ान भरने वाला अलकेमिस्ट एविएशन’ का ट्रेनी विमान सेसना-152 बीते 20 फरवरी 2024 को लापता हो गया था. कई दिनों की तलाश के बाद पता चला कि विमान चांडिल डैम में समा गया है.नौसेना और एनडीआरएफ ने छह दिनों तक सघन तलाशी अभियान चलाया. इस दौरान विमान का मलबा मिलने के साथ ही पायलट जीत शत्रु आनंद और शुभ्रोदीप दत्ता के शव बरामद हुए थे.


