रांची : देश के पिछड़े और वंचित वर्गों को सत्ता और व्यवस्था में उनकी हिस्सेदारी सुनिश्चित करने के संकल्प के साथ नई दिल्ली स्थित इंदिरा भवन में कांग्रेस की उच्च स्तरीय बैठक हुई. कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी की अध्यक्षता में आयोजित ओबीसी सलाहकार समिति की इस बैठक में सामाजिक न्याय और जातिगत जनगणना जैसे ज्वलंत मुद्दों पर भविष्य की रणनीति तैयार की गई.
झारखंड के नेतृत्व की प्रभावी मौजूदगी
इस रणनीतिक बैठक में झारखंड का प्रतिनिधित्व प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष केशव महतो कमलेश और विधायक दल के नेता प्रदीप यादव ने किया. बैठक के दौरान झारखंड की जनसांख्यिकीय स्थिति और यहां के पिछड़ों की आकांक्षाओं को प्रमुखता से रखा गया. झारखंडी नेताओं की उपस्थिति यह संकेत देती है कि आने वाले समय में राज्य की राजनीति में ओबीसी आरक्षण और उनके अधिकारों का मुद्दा केंद्र बिंदु रहने वाला है.
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जिसकी जितनी संख्या भारी, उसकी उतनी हिस्सेदारी
बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और भूपेश बघेल सहित देश भर के कई वरिष्ठ नेताओं ने अपने अनुभव साझा किए। पिछड़े वर्गों को शिक्षा, नौकरियों और राजनीति में उनके वास्तविक अनुपात के अनुसार अधिकार दिलाने का संकल्प लिया गया। वंचितों की आवाज को संसद से सड़क तक मजबूती से उठाने की बात कही गई. विभिन्न राज्यों में ओबीसी वर्ग की विशिष्ट समस्याओं का समाधान निकालने के लिए एक व्यापक रूपरेखा तैयार करने पर सहमति बनी.
राहुल गांधी का विजन
बैठक के दौरान राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस पार्टी पिछड़ों और वंचितों के हक की लड़ाई को केवल नारा नहीं, बल्कि एक मिशन मानती है. उन्होंने उपस्थित नेताओं से आह्वान किया कि वे ज़मीनी स्तर पर जाकर अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को उसके अधिकारों के प्रति जागरूक करें.
