झारखंड सरकार रांची के हेडक्वार्टर से नहीं, गांवों से चलती है
Ranchi: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्पष्ट कर दिया है कि उनकी सरकार की प्राथमिकताओं के केंद्र में राज्य का अंतिम व्यक्ति और सुदूरवर्ती गांव है. राजधानी रांची के खेलगांव स्थित टाना भगत स्टेडियम में आयोजित मुख्यमंत्री पंचायत प्रोत्साहन पुरस्कार सह मुखिया सम्मेलन को संबोधित करते हुए सीएम ने न केवल विकास का रोडमैप साझा किया, बल्कि केंद्र और विपक्ष पर भी तीखा हमला बोला. कार्यक्रम के दौरान बेहतर कार्य करने वाली पंचायतों के बीच 9 करोड़ रुपये की पुरस्कार राशि का वितरण भी किया गया.
यह भी पढ़ें : गिरिडीह में नशे के खिलाफ एक्शन: 10 किलो गांजा के साथ 4 तस्कर गिरफ्तार
जनप्रतिनिधि हैं सरकार के अंग
मुखिया और जिला परिषद प्रतिनिधियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, आप लोग सरकार के आंख, कान और नाक हैं. आपकी कार्यकुशलता ही राज्य के समग्र विकास का मार्ग प्रशस्त करेगी. राज्य का विकास तभी संभव है जब हमारे गांव विकसित होंगे और हर ग्रामीण के चेहरे पर मुस्कान होगी. उन्होंने जोर देकर कहा कि उनकी सरकार का चिंतन गांव से शुरू होता है और यही कारण है कि आज पदाधिकारी खुद पंचायतों में कैंप लगाकर समस्याओं का समाधान कर रहे हैं.

विकास के लिए रॉकेट साइंस की जरूरत नहीं
जमीनी समस्याओं पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि गांव की जरूरतों का आकलन स्थानीय प्रतिनिधियों से बेहतर कोई नहीं कर सकता. उन्होंने कुछ व्यावहारिक सुझाव भी दिए
जल संरक्षण: गर्मी में चापानल सूखने की समस्या पर उन्होंने कहा कि पुराने तालाबों का गहरीकरण किया जाए और चापानल के पास शॉकपीट जरूर बनवाएं. उन्होंने कहा कि इन छोटे बदलावों के लिए किसी ‘रॉकेट साइंस’ की जरूरत नहीं है, बस इच्छाशक्ति चाहिए.
सौर ऊर्जा: सीएम ने ग्रामीणों से अपील की कि वे अपनी खाली जमीन पर बिजली उत्पादन करें, जिसे सरकार स्वयं खरीदेगी.
आधार कार्ड की सुविधा: एक बड़ी घोषणा करते हुए उन्होंने कहा कि अब ग्रामीणों को भटकना नहीं पड़ेगा, आधार कार्ड बनाने की व्यवस्था अब पंचायत भवनों में ही सुनिश्चित की जा रही है.
यह भी पढ़ें : हजारीबाग : भीषण गर्मी के बीच बिजली कटौती पर सांसद मनीष जायसवाल का सख्त रुख, अधिकारियों को लगाई फटकार
केंद्र और डबल इंजन सरकार पर तंज
राजनीतिक प्रहार करते हुए हेमंत सोरेन ने कहा कि पूर्ववर्ती ‘डबल इंजन’ की सरकार के दौरान लोग हाथों में राशन कार्ड लेकर भूख से मरने को मजबूर थे.उन्होंने दावा किया कि पिछले सात-आठ वर्षों में राज्य में एक भी व्यक्ति की मौत भूख से नहीं हुई है. देश की आर्थिक स्थिति पर चिंता जताते हुए उन्होंने कहा, महंगाई के कारण मजदूरों का पलायन बढ़ रहा है. देश के मात्र 5 से 10 फीसदी लोग ही विपरीत परिस्थितियों में खुद को संभाल सकते हैं, जबकि 80 फीसदी आबादी के लिए आपदा-विपदा आज भी गंभीर चिंता का विषय है.

संवेदनशीलता और प्रोत्साहन
सीएम ने अंत में कहा कि उनकी सरकार बेहद संवेदनशील है और अच्छे काम करने वालों को हमेशा प्रोत्साहित करेगी. उन्होंने आह्वान किया कि सभी जनप्रतिनिधि सरकारी योजनाओं को ‘अपनी चीज’ समझकर काम करें, तभी राज्य की नींव मजबूत होगी. उन्होंने संताल क्षेत्र में शुरू किए गए लिफ्ट इरिगेशन का भी जिक्र किया और कहा कि पंचायत स्तर तक ऐसा नेटवर्क बनाया जा रहा है ताकि सरकार और जनता के बीच संपर्क कभी न टूटे.
