Bermo: जनवरी माह के 10 दिनों का बकाया वेतन और करीब 50 घंटे के ओवर टाइम (ओटी) भुगतान की मांग को लेकर गुरुवार को बोकारो थर्मल स्थित डीवीसी कॉलोनी सबस्टेशन के 19 एएमसी-एआरसी मजदूरों ने काम बंद रखा. मजदूरों के इस कड़े रुख के बाद हरकत में आए विभागीय वरीय प्रबंधक संदीप भगत और प्रबंधक गुंजन कुमार ने 10 दिनों के भीतर सभी बकाये का भुगतान कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद मजदूर काम पर लौटे. मजदूरों का आरोप है कि जनवरी माह में टेंडर फाइनल नहीं होने के बावजूद विभागीय अधिकारियों के भरोसे पर उन्होंने लगातार काम किया था, लेकिन उन्हें सिर्फ 20 दिनों का वेतन देकर टरका दिया गया. पांच महीने बीत जाने के बाद भी मजदूरों को उनके हक की 10 दिनों की गाढ़ी कमाई नहीं मिली है.
ओटी भुगतान नहीं मिलने से बढ़ा आक्रोश
इतना ही नहीं, पावर प्लांट में ड्यूटी का समय खत्म होने के बाद भी मजदूरों से रात 10 बजे तक 500 मीटर केबल बिछाने का कड़ा काम लिया गया और ओटी भुगतान का वादा किया गया, लेकिन काम कराने वाली कंपनी गणेश इंजीनियरिंग के संवेदक हीरालाल यादव द्वारा अब इस भुगतान से पल्ला झाड़ा जा रहा है. बुधवार को भी आधे घंटे के सांकेतिक कार्य बहिष्कार के बाद प्रबंधकों ने भुगतान का भरोसा दिया था, लेकिन गुरुवार को मुकर जाने के कारण मजदूरों को मजबूरन आंदोलन का रास्ता चुनना पड़ा. मजदूरों के इस आक्रोश और एकजुटता के आगे आखिरकार प्रबंधन को झुकना पड़ा.

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प्रबंधन के आश्वासन के बाद समाप्त हुआ आंदोलन
मामले की गंभीरता को देखते हुए डीजीएम (विद्युत) सुरजीत सिंह ने पूछे जाने पर कहा कि जब मजदूरों ने पूरी निष्ठा से काम और ओटी किया है, तो उनका भुगतान हर हाल में होना चाहिए. डीजीएम के निर्देश पर ही वरीय प्रबंधक और प्रबंधक ने मजदूरों के बीच पहुंचकर 10 दिनों के भीतर भुगतान सुनिश्चित करने का वादा किया, जिसके बाद मजदूरों ने अपना आंदोलन समाप्त किया. मजदूरों के इस कदम ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि वे अपने अधिकारों के शोषण के खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे.
