Gumla: डुमरी थाना क्षेत्र के ग्राम इरावल में हुई सुकन्ती देवी हत्याकांड का पुलिस ने सफलतापूर्वक उद्भेदन करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है. पुलिस जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ है कि अंधविश्वास और काला जादू के शक में इस वारदात को अंजाम दिया गया था. मृतका के पति जगमोहन नगेशिया द्वारा डुमरी थाना में आवेदन देकर पत्नी की हत्या की सूचना दी गई थी. इसके बाद पुलिस ने वादी एवं गवाहों के बयान के आधार पर मामले की जांच शुरू की. जांच के क्रम में ग्राम इरावल निवासी अनूप कुजूर को संदेह के आधार पर हिरासत में लेकर पूछताछ की गई. पूछताछ के दौरान उसने अपना अपराध स्वीकार करते हुए अपने भतीजे अभिषेक कुजूर की संलिप्तता का भी खुलासा किया.
अंधविश्वास के चलते रची गई हत्या की साजिश
पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी अनूप कुजूर के पिता की मृत्यु वर्ष 2020 में हुई थी, जबकि उसके भाई अमृत कुजूर की मृत्यु 7 जून 2026 को हो गई थी. अनूप को यह शक था कि सुकन्ती देवी ने कथित रूप से काला जादू कर उसके पिता और भाई की मौत कराई है. इसी अंधविश्वास के कारण उसने अपने भतीजे अभिषेक कुजूर के साथ मिलकर सुकन्ती देवी की हत्या की साजिश रची. बताया गया कि अमृत कुजूर के अंतिम संस्कार से पहले दोनों आरोपियों ने सुकन्ती देवी को अंतिम संस्कार में शामिल होने के बहाने घर से बुलाया. इसके बाद उसे गांव के समीप स्थित एक सुनसान बगीचे में ले जाया गया, जहां आम के पेड़ के पास चैन से गला दबाकर उसकी हत्या कर दी गई. हत्या के बाद दोनों आरोपियों ने शव को आम के पेड़ के नीचे छोड़ दिया और मौके से फरार हो गए.

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गुप्त सूचना से खुला राज, हथियार भी बरामद
इस हत्याकांड का खुलासा तब हुआ जब हत्या की योजना की जानकारी रखने वाले एक व्यक्ति ने पुलिस को गुप्त सूचना दी. सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया. पूछताछ में दोनों ने अपना-अपना अपराध स्वीकार किया तथा उनकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त हथियार भी बरामद कर लिया गया.
आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजते हुए जेल भेज दिया गया. मामले के उद्भेदन में डुमरी थाना प्रभारी शशि प्रकाश के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही. छापेमारी दल में एसआई मनोज कुमार, एसआई अंकित राज, एसआई विजय सिंह सुंडी तथा डुमरी थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे. पुलिस टीम ने तत्परता और सूझबूझ का परिचय देते हुए इस अंधे कत्ल की गुत्थी सुलझाकर आरोपियों को सलाखों के पीछे पहुंचा दिया.
