Palamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने टाउन हॉल में जिले के सभी निकासी एवं व्ययन पदाधिकारियों (DDO) के साथ समीक्षा बैठक की. उन्होंने कहा कि जिस तरह लोग अपने निजी खर्च में सतर्कता बरतते हैं, उसी तरह कोषागार से निकासी के समय भी सावधानी जरूरी है. उन्होंने वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करने और अवैध निकासी पर रोक लगाने के लिए सख्त निर्देश दिए.
वेतन से पहले कर्मियों का पूर्ण सत्यापन अनिवार्य
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि वेतन भुगतान से पहले प्रत्येक कर्मी का समुचित सत्यापन किया जाए. कर्मियों के नाम, पदनाम, जन्म तिथि और नियुक्ति तिथि समेत सभी विवरणों का मिलान सर्विस बुक और अभिलेखों से किया जाएगा. बिना सत्यापन के वेतन निर्गत नहीं होगा.साथ ही बैंक खाता संख्या, IFSC कोड आदि का सत्यापन पासबुक या रद्द चेक के माध्यम से अनिवार्य किया गया है. आधार, पैन, मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी जैसे विवरण भी अद्यतन रखने के निर्देश दिए गए.
बैठक में सभी कर्मियों का एम्प्लॉयी प्रोफाइल अपडेट कर फ्रीज करने के निर्देश दिए गए, ताकि अनधिकृत बदलाव न हो सके. DDO लेवल मैनेजमेंट सिस्टम के माध्यम से सभी प्रविष्टियों को समय पर ऑनलाइन अपडेट करने और सत्यापन सुनिश्चित करने को कहा गया. उपायुक्त ने यह भी निर्देश दिया कि किसी भी परिस्थिति में अस्थायी आईडी का दुरुपयोग न हो और कोई भी अधिकारी अपना OTP साझा न करे.
तीन साल से जमे बिलिंग क्लर्कों का होगा तबादला
वित्तीय अनुशासन को मजबूत करने के लिए उपायुक्त ने तीन वर्षों से अधिक समय से एक ही पद पर कार्यरत बिलिंग क्लर्कों के स्थानांतरण या कार्य परिवर्तन के निर्देश दिए. जिन कार्यालयों में केवल एक लिपिक हैं, वहां विशेष निगरानी रखने को कहा गया है.
उन्होंने स्पष्ट किया कि सभी निर्देशों के अनुपालन के प्रमाण स्वरूप DDO को विपत्रों में प्रमाण-पत्र अंकित करना अनिवार्य होगा. बिना प्रमाण-पत्र के कोषागार से कोई भुगतान नहीं किया जाएगा.बैठक में अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, कोषागार पदाधिकारी, एलआरडीसी प्यारे लाल, जिला पंचायती राज पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, जिला शिक्षा अधीक्षक सहित सभी संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे.
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