बजट सत्र: अगले चार वर्षों में रिम्स में MBBS सीटें दोगुनी करने का लक्ष्य

Ranchi: अगले वर्ष रिम्स सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 220 MBBS सीटों की बढ़ोतरी तथा आगामी 4 वर्षों में MBBS सीटों को...

Ranchi: अगले वर्ष रिम्स सहित सरकारी मेडिकल कॉलेजों में 220 MBBS सीटों की बढ़ोतरी तथा आगामी 4 वर्षों में MBBS सीटों को 1,030 से बढ़ाकर दोगुना करने का लक्ष्य है. वर्तमान में PG सीटें 225 हैं, जिन्हें अगले वर्ष 325 तथा 4 वर्षों में 750 करने का लक्ष्य है. राज्य में 750 अबुआ दवाखाना खोले जाने का लक्ष्य है. इसके माध्यम से लोगों को सस्ती एवं गुणवत्तापूर्ण दवाएं उपलब्ध कराई जाएंगी.

शत-प्रतिशत राज्य योजना से क्रियान्वित मुख्यमंत्री अस्पताल संचालन एवं रख-रखाव योजना तथा मुख्यमंत्री अस्पताल कायाकल्प योजना के माध्यम से अस्पतालों की स्थिति में निरंतर सुधार सुनिश्चित किया जा रहा है. स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए 7 हजार 990 करोड़ 30 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.

34 लाख 46 हजार परिवारों को नल जल योजना का लाभ

जल जीवन मिशन के तहत राज्य के कुल 62 लाख 55 हजार ग्रामीण परिवारों को कार्यरत घरेलू नल संयोजन (FHTC) के माध्यम से शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 34 लाख 46 हजार परिवारों को आच्छादित किया जा चुका है.

इस वित्तीय वर्ष में केंद्रांश मद में अब तक कोई राशि प्राप्त नहीं हुई है. दूर-दराज के वे क्षेत्र जो जलापूर्ति योजनाओं से आच्छादित नहीं हैं अथवा आंशिक रूप से आच्छादित हैं तथा योजनाओं के पूर्ण होकर चालू होने में विलंब की संभावना है, ऐसे राज्य के कुल 4,351 ग्राम पंचायतों में लगभग 43 हजार 510 नलकूपों के अधिष्ठापन की स्वीकृति दी गई है.

अब तक स्वीकृत नलकूपों में से 35 हजार 581 (लगभग 82 प्रतिशत) नलकूप स्थापित किए जा चुके हैं. वर्ष 2026-27 में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग हेतु 5 हजार 194 करोड़ 53 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.

खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले

राज्य के किसानों के हित को ध्यान में रखते हुए भारत सरकार द्वारा घोषित धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य के अतिरिक्त किसानों को बोनस तथा मिलरों को प्रोत्साहन राशि (इंसेंटिव) भी राज्य सरकार द्वारा दी जाती है. इसके लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 100 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है.

शत-प्रतिशत राज्य योजना के अंतर्गत दाल वितरण योजना में लाभुकों को प्रतिमाह 1 किलोग्राम चना दाल तथा नमक वितरण योजना में प्रतिमाह 1 किलोग्राम नमक उपलब्ध कराने हेतु 720 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है.

राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा योजना से अनाच्छादित गरीब परिवारों को झारखंड राज्य खाद्य सुरक्षा योजना के अंतर्गत आच्छादित कर अनाज वितरण हेतु 560 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है.

धोती-साड़ी-लुंगी वितरण योजना के अंतर्गत 600 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान प्रस्तावित है.

भारतीय खाद्य निगम के गोदामों से झारखंड राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम लिमिटेड के गोदामों तक तथा वहाँ से जन वितरण प्रणाली की दुकानों तक खाद्यान्न के परिवहन की रियल टाइम ट्रैकिंग की जाएगी. इससे खाद्यान्न की कालाबाजारी पर रोक लगाना संभव होगा.

वर्ष 2026-27 में खाद्य, सार्वजनिक वितरण एवं उपभोक्ता मामले विभाग के लिए 2 हजार 887 करोड़ 27 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.

श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास

भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार बोर्ड के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2025-26 में कुल 4 लाख 1 हजार 739 निर्माण श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है.

e-Shram Portal पर अब तक 98.17 लाख झारखंड के असंगठित श्रमिकों का पंजीकरण किया गया है.

वित्तीय वर्ष 2025-26 में अब तक 23 लाख 53 हजार 853 पंजीकृत असंगठित कर्मकारों को विभिन्न योजनाओं के माध्यम से 61 करोड़ 21 लाख रुपये की राशि के समतुल्य लाभ प्रदान किया गया है.

मुख्यमंत्री असंगठित श्रमिक औजार सहायता योजना के अंतर्गत 56,998 लाभुकों को लाभ दिया गया है. इसके अतिरिक्त साइकिल सहायता योजना, मातृत्व सुविधा योजना, मृत्यु दुर्घटना सहायता योजना, अंत्येष्टि योजना तथा विवाह सहायता योजना के अंतर्गत भी लाभ प्रदान किया जा रहा है.

प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण ऑनलाइन किया जा रहा है. अब तक 2 लाख 18 हजार 942 प्रवासी मजदूरों का पंजीकरण किया जा चुका है.

राज्य के 6 चयनित औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) विषय पर प्रशिक्षण प्रारंभ करने की योजना है.

वित्तीय वर्ष 2025-26 में 265 भर्ती शिविरों तथा 89 रोजगार मेलों के माध्यम से 13 हजार 408 युवाओं का चयन किया गया है.

Jharkhand Skill Development Mission Society द्वारा संचालित योजनाओं के अंतर्गत अब तक 6 लाख 35 हजार 150 युवा-युवतियों को प्रशिक्षित किया गया है तथा 4 लाख 92 हजार 966 प्रमाणित हुए हैं. इनमें से 3 लाख 11 हजार 400 को जॉब ऑफर प्राप्त हुए हैं.

वर्ष 2026-27 में श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास विभाग के लिए 1 हजार 168 करोड़ 73 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.

शिक्षा

राज्य सरकार स्कूली शिक्षा के विकास हेतु निरंतर प्रयासरत है. राज्य के प्रारंभिक विद्यालयों में नामांकन, ठहराव तथा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने के लिए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन किया जा रहा है.

222 विद्यालयों की आधारभूत संरचना का कार्य पूर्ण

राज्य सरकार द्वारा 80 उत्कृष्ट विद्यालयों का संचालन शैक्षणिक सत्र 2023-24 से प्रारंभ किया गया है. 325 प्रखंड स्तरीय लीडर स्कूलों में से 222 विद्यालयों की आधारभूत संरचना का कार्य पूर्ण किया जा चुका है.

इन विद्यालयों के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 में 182 करोड़ 60 लाख रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है.

राज्य के 34,847 प्रारंभिक विद्यालयों, 1,711 माध्यमिक विद्यालयों एवं 1,157 उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों में लगभग 70 लाख विद्यार्थी अध्ययनरत हैं.

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के अंतर्गत 203 कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, 57 झारखंड बालिका आवासीय विद्यालय तथा 26 नेताजी सुभाष चंद्र बोस आवासीय विद्यालय संचालित हैं.

राज्य में अब तक 803 विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा हेतु 1,197 लैब स्थापित किए गए हैं. 888 अतिरिक्त लैब की स्थापना का कार्य प्रगति पर है. इसके अंतर्गत लगभग 1,58,000 विद्यार्थी लाभान्वित हो रहे हैं.

2,495 माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों तथा 2,610 मध्य विद्यालयों में आईसीटी कार्यक्रम के तहत डिजिटल शिक्षा की व्यवस्था की गई है.

शिक्षा नीति-2020

National Education Policy 2020 के क्रियान्वयन हेतु आवश्यक पहल की जा रही है. कक्षा 1 और 2 की नई पाठ्य-पुस्तकें तैयार कर ली गई हैं और शैक्षणिक सत्र 2026-27 से वितरित की जाएंगी.

प्रत्येक शिक्षक को प्रति वर्ष 50 घंटे का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. फरवरी 2025 से अब तक लगभग 40 हजार शिक्षकों का प्रशिक्षण पूर्ण किया जा चुका है.

उत्थान योजना के अंतर्गत आदिम जनजाति एवं टाना भगत समुदाय के आश्रित 60 विद्यार्थियों को प्रति वर्ष Jharkhand Raksha University, रांची में Police Administration and Integrated Security Management संकाय के 3 वर्षीय डिप्लोमा पाठ्यक्रम में अध्ययन की सुविधा दी जाएगी.

उच्च एवं तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए प्रथम चरण में 7 जिलों में 12 नए महाविद्यालय स्थापित किए जाएँगे.

वित्तीय वर्ष 2026-27 में प्रारंभिक एवं माध्यमिक शिक्षा के लिए 16 हजार 251 करोड़ 43 लाख रुपये तथा उच्च एवं तकनीकी शिक्षा के लिए 2 हजार 564 करोड़ 45 लाख रुपये का बजट प्रस्तावित है.

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