RANCHI: झारखंड के जंगलों की हरियाली अब और गहरी होगी. वन्यजीवों का बसेरा पहले से कहीं अधिक सुरक्षित होगा. झारखंड के वन विभाग ने पर्यावरण संरक्षण और पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने के लिए 796 करोड़ रुपए का रोडमैप तैयार किया है. राज्य की प्राकृतिक संपदा को बचाने का एक निर्णायक ‘एक्शन प्लान’ है.
वन्यजीवों की सुरक्षा को प्राथमिकता
वन्यजीवों के प्रबंधन पर भी विशेष फोकस किया गया है.विभाग ने एकीकृत वन्यजीव प्रबंधन पर 55.53 करोड़ खर्च करेगा.हाथियों के कॉरिडोर से लेकर अभयारण्यों की सुरक्षा तक,अब वन्यजीवों की निगरानी और उनके संरक्षण पर भी खर्च किए जाएंगे. जंगलों के साथ-साथ नदियों को बचाने के लिए भी राशि खर्च की जाएगी. नदी के किनारों पर पौधारोपण पर 32 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे. वन भूमि के वर्तमान मूल्य और अन्य प्रशासनिक खर्चों के लिए भी राशि का प्रावधान किया गया है.
किस योजना में कितनी राशि की जाएगी खर्च
• क्षतिपूर्ति वन रोपण- 112.90 करोड़
• वन संवर्द्धन- 44. 00 करोड़
• जल संग्रहण क्षेत्र उपचार योजना- 17.00 करोड़
• एकीकृत वन्यजीव प्रबंधन योजना- 55.53 करोड़
• वन भूमि वर्तमान मुल्य- 202.12 करोड़
• ब्याज- 11.33 करोड़
• अधिसूचित वन भूमि पर वनरोपण और मृदा संरक्षण- 15.50 करोड़
• अधिसूचित वन क्षेत्र के बाहर की भूमि पर वन रोपण- 140 करोड़
• नदी के किनारे वनरोपणः 32 करोड़
• अन्य खर्च – 22.11 करोड़
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