चांडिल में बिना शिलान्यास पट के सड़क निर्माण पर बवाल, जानकारी मांगने पर ठेकेदार का इनकार; ग्रामीणों में आक्रोश

Seraikela: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चांडिल प्रखंड अंतर्गत दलमा सेंचुरी की तराई में सिकली गांव में विधायक निधि से बन रही पीसीसी...

Seraikela: ईचागढ़ विधानसभा क्षेत्र के चांडिल प्रखंड अंतर्गत दलमा सेंचुरी की तराई में सिकली गांव में विधायक निधि से बन रही पीसीसी सड़क को लेकर विवाद गहरा गया है. शुक्रवार को बिना शिलान्यास पट लगाए ही संवेदक द्वारा निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया, जिससे ग्रामीण भड़क उठे.

जानकारी देने से इनकार

स्थानीय लोगों ने कार्य की पारदर्शिता को लेकर मौके पर मौजूद संवेदक मुमताज आलम से योजना की विस्तृत जानकारी मांगी, लेकिन उन्होंने जानकारी देने से साफ इनकार कर दिया. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य में हो रही अनियमितताओं पर सवाल पूछने पर उन्हें धमकाया जा रहा है.

ग्रामीणों का कहना है कि न केवल जानकारी छिपाई जा रही है, बल्कि धमकी भरे अंदाज में उन्हें चुप रहने की नसीहत दी जा रही है. मुमताज आलम ने कथित तौर पर कहा कि उन्हें “ऊपर से आदेश” है और किसी भी सवाल के लिए सीधे विधायक से संपर्क करने को कहा जाए. इस रवैये से ग्रामीणों में भारी आक्रोश है और वे इसे नियमों की खुली अवहेलना बता रहे हैं.

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न शिलान्यास, न एस्टीमेट बोर्ड

ग्रामीणों ने बताया कि नियमानुसार किसी भी सरकारी योजना में कार्यस्थल पर योजना का नाम, लागत, अवधि, संवेदक का नाम और शिलान्यास पट लगाना अनिवार्य है. लेकिन सिकली गांव में बन रही सड़क पर न शिलान्यास हुआ, न कोई बोर्ड लगाया गया है. साथ ही कार्य की गुणवत्ता को लेकर भी संदेह जताया जा रहा है.

जांच की मांग

मौके पर पहुंचे सामाजिक कार्यकर्ता राकेश रंजन महतो ने कहा कि यह गंभीर मामला है. बिना बोर्ड के काम शुरू करना और जानकारी न देना भ्रष्टाचार की ओर इशारा करता है. उन्होंने इस मामले में उच्च स्तरीय जांच की मांग की है.

ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि पारदर्शिता नहीं बरती गई और गुणवत्तापूर्ण कार्य नहीं हुआ, तो वे आंदोलन करेंगे. साथ ही बीडीओ और उपायुक्त से हस्तक्षेप कर जांच कराने की मांग की है. फिलहाल कार्यस्थल पर तनाव का माहौल बना हुआ है.

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