शेख भिखारी मेडिकल अस्पताल प्रबंधन की घोर लापरवाही, भीषण गर्मी में मरीजों की सांसों पर संकट

Hazaribagh: हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रबंधन की संवेदनहीनता इस कदर बढ़ गई है कि भीषण गर्मी के बावजूद...

Hazaribagh: हजारीबाग के शेख भिखारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रबंधन की संवेदनहीनता इस कदर बढ़ गई है कि भीषण गर्मी के बावजूद बिजली कटते ही पूरा अस्पताल अंधेरे और उमस की चपेट में आ जाता है. बिजली गुल होने से पीएसए ऑक्सीजन प्लांट ठप पड़ जाता है, जिससे मरीजों की ऑक्सीजन सप्लाई तक बाधित हो रही है.

मेडिकल कॉलेज अस्पताल की विडंबना यह है कि जहां डॉक्टरों और बाबुओं के कमरों में लगे एसी सुचारू रूप से चल रहे हैं, वहीं मरीजों के वार्डों में लगे लगभग 95 प्रतिशत एसी बंद पड़े हैं. उदाहरण स्वरूप, अकेले मेटरनिटी वार्ड में 7 एसी लगे हुए हैं, लेकिन एक भी काम नहीं कर रहा है. वार्डों में लगे पंखों की गति इतनी धीमी है कि तीमारदार घरों से टेबल फैन लाने को मजबूर हैं.

इतना ही नहीं, वार्ड फुल होने पर बरामदे में इलाज करा रहे मरीजों के लिए पंखों तक की व्यवस्था नहीं है. पेयजल की स्थिति भी खराब है, क्योंकि ट्रामा सेंटर के बाहर को छोड़कर अधिकांश आरओ खराब पड़े हैं, जिससे मरीजों और उनके परिजनों को भटकना पड़ रहा है.

सांसद के निर्देश पर अस्पताल का निरीक्षण

इस गंभीर स्थिति की सूचना मिलते ही हजारीबाग सांसद मनीष जायसवाल के निर्देश पर उनके लोकसभा क्षेत्र के सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने अस्पताल के विभिन्न वार्डों का जायजा लिया. उन्होंने मरीजों और परिजनों का हाल जाना और अस्पताल अधीक्षक डॉ. अनुकरण पूर्ति से दूरभाष पर कड़ा ऐतराज जताते हुए तत्काल सुधार का आग्रह किया.

अधीक्षक द्वारा डीजल की अनुपलब्धता को समस्या का कारण बताया गया. इस पर रंजन चौधरी ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि अस्पताल में उच्च क्षमता के सोलर पैनल और तीन-तीन जनरेटर होने के बावजूद प्रबंधन की निष्क्रियता के कारण मरीजों को तड़पने के लिए छोड़ दिया गया है.

उन्होंने कहा कि यदि डीजल उपलब्ध नहीं था, तो प्रशासन को जिले के वरीय अधिकारियों या संबंधित पंप संचालकों और तेल कंपनियों से संपर्क करना चाहिए था, लेकिन ऐसा नहीं किया गया.

ALSO READ: डगरनवां में सांप के काटने से 25 वर्षीय महिला की मौत

स्वास्थ्य मंत्री और डीसी से हस्तक्षेप की मांग

सांसद मीडिया प्रतिनिधि रंजन चौधरी ने राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी और हजारीबाग उपायुक्त हेमंत सती से इस गंभीर मामले में तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. उन्होंने अस्पताल में लगे सोलर पैनल को दुरुस्त कराने और डीजल की उपलब्धता सुनिश्चित करने की अपील की है, ताकि मरीजों को इस स्थिति से राहत मिल सके.

रंजन चौधरी ने हजारीबाग उपायुक्त को ट्वीट के माध्यम से भी इस मामले की जानकारी देते हुए हस्तक्षेप का अनुरोध किया है. साथ ही उन्होंने अस्पताल की स्थिति से सांसद मनीष जायसवाल को भी अवगत करा दिया है.

बताया जा रहा है कि जल्द ही सांसद मनीष जायसवाल इस मुद्दे को लेकर स्वास्थ्य विभाग और जिले के उच्च अधिकारियों से संपर्क करेंगे, ताकि मरीजों को तत्काल राहत मिल सके.

सम्बंधित ख़बरें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *