Bandgaon: झारखंड में बढ़ती गर्मी और लू के प्रकोप को देखते हुए राज्य सरकार द्वारा स्कूलों के समय में किए गए बदलाव का समाज के विभिन्न वर्गों ने स्वागत किया है. इसी क्रम में जाने-माने समाजसेवी समीर पूर्ति ने सरकार के इस निर्णय को सकारात्मक और समय की मांग बताया है.
बच्चों के स्वास्थ्य की चिंता
उन्होंने कहा कि अप्रैल महीने में ही तापमान जिस तेजी से बढ़ रहा है, उससे स्कूली बच्चों, विशेषकर छोटे बच्चों के स्वास्थ्य पर गहरा असर पड़ने की आशंका थी. दोपहर की चिलचिलाती धूप में बच्चों का स्कूल से घर लौटना जोखिम भरा था. सरकार ने समय सारणी में बदलाव कर बच्चों को लू और डिहाइड्रेशन जैसी समस्याओं से बचाने का सराहनीय कार्य किया है.
सुबह की पाली से राहत
समीर पूर्ति ने कहा कि सुबह की पाली (मॉर्निंग शिफ्ट) में स्कूल संचालित होने से छात्र ताजगी महसूस करते हैं और बेहतर ढंग से शिक्षा ग्रहण कर पाते हैं. यह निर्णय न केवल छात्रों, बल्कि शिक्षकों और अभिभावकों के हित में भी है, जिन्हें भीषण दोपहर में आवागमन करना पड़ता था.
पेयजल और ओआरएस की मांग
उन्होंने स्थानीय प्रशासन और शिक्षा विभाग से आग्रह किया कि स्कूलों में शुद्ध पेयजल और ओआरएस की उपलब्धता सुनिश्चित की जाए, ताकि बच्चों को किसी भी प्रकार की स्वास्थ्य संबंधी परेशानी न हो. उन्होंने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के प्रति इस संवेदनशील निर्णय के लिए आभार भी व्यक्त किया.
समय में बदलाव
मालूम हो कि सरकार ने विद्यालयों का समय बदलकर सुबह 7:00 बजे से 11:30 बजे तक कर दिया है. इससे पहले स्कूलों का समय सुबह 7:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक था.
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