NEWS DESK: आयोग को लेकर देशभर में हलचल तेज हो गई है. अलग-अलग कर्मचारी संगठन सरकार से वेतन, भत्तों और सर्विस कंडीशन में बड़े सुधार की मांग कर रहे हैं. इन संगठनों ने अपने-अपने सुझाव भी सरकार के सामने रखे हैं. माना जा रहा है कि अगर इन पर सहमति बनती है, तो यह सरकारी कर्मचारियों के वेतन ढांचे में बड़ा बदलाव ला सकता है.
न्यूनतम वेतन बढ़ाने की मांग
केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षकों के संगठन ‘प्रगतिशील शिक्षक न्याय मंच’ (PSNM) ने वेतन प्रणाली में व्यापक बदलाव की बात कही है. संगठन का प्रस्ताव है कि लेवल-1 कर्मचारियों का बेसिक पे 50,000 से 60,000 रुपये के बीच होना चाहिए, जो अभी 18,000 रुपये है.
फिटमेंट फैक्टर और सालाना बढ़ोतरी पर फोकस
संगठन ने फिटमेंट फैक्टर को 2.57 से बढ़ाकर 2.62 से 3.83 के दायरे में करने का सुझाव दिया है. वहीं, सालाना इंक्रीमेंट को 3% से बढ़ाकर 6–7% करने की भी मांग की गई है. उनका तर्क है कि बढ़ती महंगाई के हिसाब से कर्मचारियों की आय में सुधार जरूरी है.
चार गुना तक सैलरी बढ़ाने का प्रस्ताव
दूसरी ओर, Bharatiya Pratiraksha Mazdoor Sangh (BPMS) ने न्यूनतम बेसिक पे को करीब 72,000 रुपये तक करने की मांग रखी है, जो मौजूदा वेतन से करीब चार गुना ज्यादा है. इसके अलावा फिटमेंट फैक्टर को 4 करने और टॉप लेवल पदों के लिए अधिकतम वेतन 10 लाख रुपये तक तय करने का सुझाव दिया गया है.
इन प्रस्तावों से साफ है कि कर्मचारी संगठन बड़े स्तर पर वेतन सुधार चाहते हैं. अब नजर इस बात पर है कि केंद्र सरकार इन मांगों पर क्या फैसला लेती है.
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