रांची/चतरा: झारखंड के चतरा जिले के सिमरिया में सोमवार रात हुए भीषण एयर एंबुलेंस हादसे के बाद अब जांच तेजी से हो रही है. यह दुर्घटना कैसे हुई इसकी जानकारी जुटाने के लिए नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) और विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की टीमों ने मंगलवार से मोर्चा संभाल लिया है. टीम द्वारा एयर एंबुलेंस में भरे गए एविएशन टर्बाइन फ्यूल का सैंपल लिया गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि क्या ईंधन की गुणवत्ता में कोई कमी थी.

पायलट द्वारा किए गए अंतिम बात की समीक्षा
जांच टीम ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल के उन अधिकारियों से लंबी पूछताछ की, जिन्होंने पायलट से आखिरी बार बात की थी. पायलट और एटीसी के बीच हुई बातचीत की वॉयस रिकॉर्डिंग को साक्ष्य के तौर पर जब्त कर लिया गया है. सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत, रांची एटीसी के दो संबंधित अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सात दिनों के कूलिंग पीरियड पर भेज दिया गया है. वे ऑफिस तो आएंगे, लेकिन जांच पूरी होने तक ऑपरेशनल ड्यूटी नहीं करेंगे.
प्रारंभिक जांच में विमान के रूट और संपर्क को लेकर कुछ महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं. रांची से एयर एम्बुलेंस दिल्ली के लिए उड़ान भरी थी. उड़ान के कुछ ही देर बाद विमान का संपर्क रांची एटीसी से टूटकर कोलकाता एटीसी से जुड़ गया. जांच दल इस बात पर गौर कर रहा है कि यह चेंजओवर सामान्य था या किसी आपात स्थिति के कारण अचानक किया गया. रात 7:34 बजे वाराणसी से लगभग 100 नॉटिकल मील दूर दक्षिण-पूर्व में विमान अचानक रडार से ओझल हो गया.
घटनास्थल पर AAIB का पहरा
हादसे की तकनीकी बारीकियों को समझने के लिए AAIB की 10 सदस्यीय टीम दिल्ली से गया होते हुए चतरा के सिमरिया पहुंची है. जिला प्रशासन की मदद से दुर्घटनास्थल को पूरी तरह सील कर दिया गया है. टीम अगले तीन दिनों तक मौके पर रहकर मलबे का मुआयना करेगी और साक्ष्य जुटाएगी. विमान का मेंटेनेंस लॉगबुक और रेड बर्ड एयरलाइंस के दस्तावेजों को तलब किया गया है ताकि विमान की तकनीकी सेहत का पता लगाया जा सके.
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