पलामू : उपायुक्त ने की स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक, कहा- ‘MMCH में बिचौलिए और दलाल प्रवृति के लोगों को रखें दूर’

Palamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में डीसी ने कहा- “मैंने अपना...

Palamu: उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने मंगलवार को स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा बैठक की. बैठक में डीसी ने कहा- “मैंने अपना प्रशिक्षण पलामू जिले से प्राप्त किया है, जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था से वे भलीभांति अवगत हैं.” डीसी ने कहा कि आप सभी डॉक्टर्स हैं. जरूरतमंदों का उपचार, उनकी दवाई, उनका फॉलोअप सबकुछ आपकी जिम्मेदारी है. आपका कार्य बेहद महत्वपूर्ण है. ऐसे में आप सभी मरीजों की सेवा पूरे तन-मन से करें. एमएमसीएच में बिचौलिए, दलाल प्रवृत्ति के लोगों, फ्रॉड डॉक्टर्स और कमीशनखोरी से पूर्ण रूप से बचें. डीसी ने कहा कि चौबीसों घंटे उनकी नजर जिले की स्वास्थ्य व्यवस्था पर रहेगी. बैठक में जिला स्वास्थ्य समिति द्वारा प्रस्तुत पीपीटी के आधार पर मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, टीबी नियंत्रण, एनसीडी स्क्रीनिंग समेत अन्य योजनाओं की प्रगति पर चर्चा की गयी.

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एएनसी की स्थिति संतोषजनक पाई गई

समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में एएनसी (गर्भवती महिलाओं की जांच) की स्थिति संतोषजनक है, जहां मार्च 2026 तक लगभग 98 प्रतिशत महिलाओं का पहला एएनसी पंजीकरण किया गया है. इसी तरह जिले में संस्थागत प्रसव को बढ़ावा मिला है. जिले में कुल प्रसव में 96 प्रतिशत संस्थागत प्रसव हुए हैं. इस पर डीसी ने कहा कि अगली समीक्षा बैठक में यह 96 फीसदी से बढ़ा हुआ दिखना चाहिए. बैठक में टीकाकरण कार्यक्रम, टीबी उन्मूलन कार्यक्रम, एनसीडी (गैर संचारी रोग) आदि की जानकारी ली गयी.

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नये सीएचसी बनाने पर डीसी ने दिया जोर

बैठक में डीसी ने सिविल सर्जन डॉ. अनिल से जिले में सीएचसी की जानकरी ली और उसके पैरामीटर से भी अवगत हुए. सिविल सर्जन ने बताया कि 1.5 लाख से अधिक जनसंख्या वाले स्थानों पर सीएचसी का प्रावधान है. इस पर डीसी ने सिविल सर्जन को जिले में नए सीएचसी के निर्माण के लिए संबंधित प्राधिकार को चिट्ठी लिखने एवं समन्वय बनाने की बात कही. आयुष्मान भारत योजना के तहत कार्ड निर्माण की समीक्षा में पाया गया कि जिले में कुल 48 प्रतिशत लाभुकों का ही कार्ड बन पाया है, जिसे बढ़ाने के निर्देश दिए गए. मौके पर सिविल सर्जन, एमएमसीएच के प्रिंसिपल, विभिन्न प्रखंडों के चिकित्सा पदाधिकारी और बीपीएम मौजूद थे.

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