Palamu: सरकार द्वारा पंचायतों के विकास एवं पेयजल व्यवस्था के लिए करोड़ों रुपये जारी किए जाने के बावजूद हुसैनाबाद प्रखंड की बैरांव पंचायत में भीषण जलसंकट उत्पन्न हो गया है. पंचायत क्षेत्र के दर्जनों हैंडपंप एवं जलमीनार खराब पड़े हैं, जिससे ग्रामीणों को भीषण गर्मी में पेयजल के लिए भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.
खराब हैंडपंप और जलमीनार से बढ़ी परेशानी
ग्रामीणों ने बताया कि लगभग 43 डिग्री तापमान के बीच उन्हें दूर-दराज के जलस्रोतों से पानी लाकर दैनिक जरूरतें पूरी करनी पड़ रही हैं. शादी-विवाह के मौसम में पानी की समस्या ने लोगों की परेशानी और बढ़ा दी है. ग्रामीणों का कहना है कि घर में मेहमानों के आगमन के बीच पानी की व्यवस्था करना सबसे बड़ी चुनौती बन गई है. ग्रामीणों का आरोप है कि समस्या को लेकर कई बार पंचायत प्रतिनिधियों एवं संबंधित अधिकारियों को अवगत कराया गया, लेकिन अब तक न तो खराब हैंडपंपों की मरम्मत कराई गई और न ही बंद पड़ी जलमीनारों को चालू कराया गया. जिम्मेदारों की उदासीनता से ग्रामीणों में भारी आक्रोश व्याप्त है.
वित्त आयोग की राशि पर उठे सवाल, आंदोलन की चेतावनी
उल्लेखनीय है कि 15वें वित्त आयोग के तहत पंचायतों के विकास के लिए भारी राशि उपलब्ध कराई गई है. इसके बावजूद जमीनी स्तर पर मूलभूत सुविधाओं की ऐसी स्थिति कई सवाल खड़े कर रही है. इस संबंध में भाजपा नेता रामराज मेहता ने जनप्रतिनिधियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि लापरवाही और उदासीनता के कारण अधिकांश पंचायतों में पेयजल व्यवस्था ध्वस्त हो चुकी है. उन्होंने इसे अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए अविलंब खराब पड़े हैंडपंपों एवं जलमीनारों की मरम्मत कराने की मांग की है. ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र पेयजल संकट का समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन के लिए बाध्य होंगे.
