Gumla: डीएवी पब्लिक स्कूल, गुमला में ‘जल पखवाड़ा 2026’ के उपलक्ष्य में जल संरक्षण के प्रति छात्रों को जागरूक करने के उद्देश्य से एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को जल के महत्व के बारे में बताना और उन्हें भविष्य की पीढ़ियों के लिए जल बचाने हेतु प्रेरित करना था.
प्रिंसिपल का संदेश- जल ही जीवन है
इस अवसर पर विद्यालय के ऑफिसिएटिंग प्रिंसिपल श्री पवित्र कुमार मोहंती ने अपने संबोधन में कहा कि जल ही जीवन है और इसके बिना पृथ्वी पर जीवन की कल्पना असंभव है. उन्होंने बताया कि आज विश्व के कई हिस्से भीषण जल संकट से जूझ रहे हैं. ऐसे में जरूरी है कि युवा पीढ़ी को जल संरक्षण के प्रति संवेदनशील बनाया जाए.
युवाओं की भूमिका अहम
उन्होंने यह भी कहा कि स्कूल स्तर पर आयोजित ऐसे कार्यक्रम छात्रों में प्राकृतिक संसाधनों के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करते हैं. उन्हें विश्वास है कि छात्र न केवल खुद जल बचाएंगे, बल्कि अपने परिवार और समाज को भी जल संचयन के लिए प्रेरित करेंगे.
थीम-‘जल बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें’
इस वर्ष ‘जल पखवाड़ा 2026’ की थीम ‘जल बचाएं, भविष्य सुरक्षित करें’ रखी गई है. यह विषय बढ़ते जल संकट, भूजल स्तर में गिरावट और अनियमित वर्षा को देखते हुए बेहद प्रासंगिक है.
जल संरक्षण की शपथ
कार्यक्रम के दौरान सीसीए इंचार्ज श्रीमती संजुक्ता खटुआ ने सभी विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को जल संरक्षण की शपथ दिलाई. सभी ने संकल्प लिया कि वे पानी की बर्बादी रोकेंगे, वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देंगे और दूसरों को भी इसके लिए जागरूक करेंगे.
पोस्टर प्रतियोगिता में दिखी रचनात्मकता
विद्यार्थियों की रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने के लिए कक्षा नवम से द्वादश तक के छात्रों के लिए पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया गया. छात्रों ने प्रभावशाली पोस्टरों के माध्यम से जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन, नदियों को प्रदूषण से बचाने और दैनिक जीवन में पानी की बचत के उपायों को दर्शाया.
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