Ranchi: बिना नक्शा पास कराए बने भवनों को लेकर नगर निगम ने राहत देने की दिशा में पहल की है. राज्य सरकार के नए नियम लागू होने के बाद नगर आयुक्त सुशांत गौरव की अध्यक्षता में हुई बैठक में इसको लेकर ठोस रणनीति तैयार की गई. अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि योजना को तेजी से जमीन पर उतारा जाए ताकि अधिक से अधिक लोग इसका लाभ उठा सकें.
प्रक्रिया को बनाया जाएगा सरल
नगर आयुक्त ने स्पष्ट कहा कि नियमितीकरण की प्रक्रिया को सरल और पारदर्शी बनाया जाएगा. नियमों को आसान भाषा में तैयार कर आम नागरिकों तक पहुंचाया जाएगा, ताकि आवेदन करने में किसी को परेशानी न हो.
प्रचार-प्रसार पर विशेष जोर
योजना के व्यापक प्रचार-प्रसार के लिए निगम विशेष अभियान चलाएगा. हेंडबिल के माध्यम से वार्ड स्तर पर जानकारी दी जाएगी. एक समर्पित टीम घर-घर जाकर लोगों को जागरूक करेगी. साथ ही हेल्पलाइन नंबर जारी करने और निगम कार्यालय में हेल्प डेस्क स्थापित करने का निर्णय लिया गया है.
नए नियम और शुल्क तय
नए नियम के तहत 3229.17 वर्ग फीट तक की जमीन और G+2 तक बने भवनों को नियमित किया जा सकेगा. इसके लिए आवासीय भवनों पर 10,000 रुपये और व्यावसायिक भवनों पर 20,000 रुपये का एकमुश्त शुल्क निर्धारित किया गया है. प्रारंभिक शुल्क जमा करने के बाद निगम के इंजीनियर द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाएगा और नक्शा स्वीकृत होने के बाद आगे की प्रक्रिया पूरी होगी.
ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था
आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह व्यवस्थित किया गया है. भवन मालिकों को निगम में पंजीकृत एलटीपी के माध्यम से नक्शा तैयार कर ऑनलाइन आवेदन करना होगा. इसके बाद दस्तावेजों की जांच, स्थल निरीक्षण और तकनीकी स्वीकृति की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी.
स्वीकृति की प्रक्रिया तय
G+1 भवनों की स्वीकृति टाउन प्लानर द्वारा दी जाएगी, जबकि G+2 भवनों की स्वीकृति नगर आयुक्त और आरआरडीए उपाध्यक्ष द्वारा प्रदान की जाएगी.
