Palamu: भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सह पूर्व मंत्री भानु प्रताप शाही ने जेट-टेट नियमावली को लेकर झारखंड सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन हमेशा से पलामू की जनता के साथ सौतेला व्यवहार करते आए हैं.
भाषा को लेकर नाराजगी
उन्होंने कहा कि वर्ष 2016 में भाजपा सरकार ने पलामू की क्षेत्रीय भाषाओं को शामिल किया था, लेकिन वर्तमान सरकार ने उन्हें हटाकर यहां के युवाओं का अपमान किया है. उन्होंने मांग की कि मगही, भोजपुरी और संथाल परगना के कुछ जिलों की मैथिली सहित अन्य भाषाओं को फिर से शामिल किया जाए.
जनप्रतिनिधियों पर सवाल
शाही ने पलामू के अन्य जनप्रतिनिधियों की चुप्पी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वे या तो बहाने बना रहे हैं या जनता की समस्याओं से मुंह मोड़ रहे हैं.
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उग्र आंदोलन की चेतावनी
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने मांगें नहीं मानीं तो उग्र आंदोलन किया जाएगा. वित्त मंत्री के आवास के सामने धरना दिया जाएगा और जरूरत पड़ने पर पलामू में आर्थिक बंदी भी की जाएगी.
कोयला आपूर्ति रोकने की बात
शाही ने कहा कि स्थिति गंभीर होने पर राजहरा से लेकर सिकनी तक कोयला आपूर्ति रोक दी जाएगी. उन्होंने कहा कि एक ओर पलामू के साथ सौतेला व्यवहार हो रहा है, वहीं दूसरी ओर यहां की खनिज संपदा का दोहन किया जा रहा है.
पत्रकार मामले पर बयान
प्रेस वार्ता के अंत में हजारीबाग में पत्रकार पर हुए हमले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि पत्रकारों को सवाल पूछने का पूरा अधिकार है. उन्होंने इरफान अंसारी के खिलाफ कार्रवाई न होने को सरकार की मजबूरी और वोट बैंक की राजनीति बताया.
