Ranchi: भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) के राज्य कार्यालय में रविवार को किसान नेता और पार्टी के वरिष्ठ साथी अतुल कुमार अंजान की द्वितीय पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। इस अवसर पर नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनके चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया और उनके संघर्षों को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
नेताओं और कार्यकर्ताओं की उपस्थिति, श्रद्धांजलि अर्पित
सभा में मुख्य रूप से CPI के प्रदेश सचिव महेंद्र पाठक, राज्य कार्यकारिणी सदस्य भंते जैनेंद्र तथागत, रांची जिला सचिव अजय कुमार सिंह, युवा नेता संतोष कुमार रजक, AISF के एहतेशाम प्रवीण समेत कई प्रमुख नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
नेताओं ने अपने संबोधन में कहा कि अतुल कुमार अंजान केवल एक नेता नहीं, बल्कि किसान आंदोलन की मजबूत और बेबाक आवाज थे। ऐसे समय में जब देश में पूंजीवादी नीतियां हावी हैं, उनका संघर्ष और विचार और भी प्रासंगिक हो जाता है।
किसानों-मजदूरों की लड़ाई को दी नई दिशा
उन्होंने कहा कि अंजान ने अपने पूरे जीवन को किसानों, मजदूरों और वंचित वर्गों के अधिकारों की लड़ाई के लिए समर्पित कर दिया। एक प्रखर वक्ता, तेजतर्रार लेखक और कुशल संगठक के रूप में उन्होंने देशभर में जन आंदोलनों को नई दिशा दी। खासकर कॉरपोरेट कृषि नीतियों, भूमि अधिग्रहण और किसान विरोधी कानूनों के खिलाफ उनकी आवाज लगातार गूंजती रही।
सभा में यह भी कहा गया कि उन्होंने सांप्रदायिकता, नव-उदारवाद और साम्राज्यवाद के खिलाफ वैचारिक लड़ाई को मजबूत किया और किसान आंदोलनों को मजदूरों व युवाओं से जोड़कर एक व्यापक जनएकता का निर्माण किया।
जन-बुद्धिजीवी के रूप में भी रही अलग पहचान
राजनीतिक मंचों के अलावा भी अंजान एक जन-बुद्धिजीवी के रूप में पहचान रखते थे। टीवी डिबेट, जनसभाओं और सार्वजनिक विमर्शों में उनकी मौजूदगी हमेशा तथ्यपूर्ण, तार्किक और लोकतांत्रिक मूल्यों के पक्ष में होती थी।
कार्यक्रम के अंत में नेताओं और कार्यकर्ताओं ने एक स्वर में संकल्प लिया कि अतुल कुमार अंजान के दिखाए रास्ते पर चलते हुए किसान आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
