Gumla: गुमला में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के उद्देश्य से उपायुक्त के निर्देशानुसार जिला परिवहन विभाग की ओर से विशेष अभियान चलाया गया. जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO) ज्ञान शंकर जायसवाल के नेतृत्व में विभाग की टीम ने गुमला-बायपास मुख्य मार्ग पर सघन वाहन जांच अभियान चलाया. वहीं, प्रशासन की इस अचानक कार्रवाई से यातायात नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा. इस विशेष अभियान के दौरान मोटर वाहन अधिनियम की विभिन्न धाराओं के तहत कुल ₹1,27,000 (एक लाख सताइश हजार रुपये) का जुर्माना भी वसूला गया.
ओवरलोडिंग, तेज गति और सुरक्षा मानकों पर कड़ा प्रहार
जांच के दौरान टीम ने मुख्य रूप से भारी मालवाहक वाहनों (ट्रक और हाइवा) को निशाने पर लिया. साथ ही उन वाहनों की जांच की गई, जिन्होंने निर्धारित लंबाई/चौड़ाई से अधिक सामान लादा हुआ था या जिनके पास वैध फिटनेस प्रमाण पत्र नहीं थे. ऐसे में क्षमता से अधिक माल ढोने वाले वाहनों पर नियमों के तहत भारी आर्थिक दंड लगाया गया. साथ ही बिना बीमा, फिटनेस प्रमाण पत्र, वैध परमिट और ड्राइविंग लाइसेंस के चल रहे वाहनों की गहन जांच की गई. इसके अलावा, गाड़ियों में लगी अवैध एक्स्ट्रा LED लाइटों और नंबर प्लेट छिपाने वाले वाहन भी विभाग के रडार पर रहे.
मकसद चालान नहीं, जिंदगियां बचाना है- DTO
अभियान को लेकर DTO ज्ञान शंकर जायसवाल ने कहा, कि “हमारा मुख्य उद्देश्य केवल चालान काटना या राजस्व बढ़ाना नहीं, बल्कि सड़कों पर बहुमूल्य मानवीय जिंदगियों को सुरक्षित करना है. नियम तोड़ने से न केवल बड़ी दुर्घटनाओं का खतरा रहता है, बल्कि यह वाहन मालिकों के लिए भी भारी आर्थिक परेशानी का कारण बनता है. हम चाहते हैं कि लोग नियमों का स्वतः पालन करें.”
प्रशासन की इस कार्रवाई ने स्पष्ट कर दिया है, कि गुमला की सड़कों पर नियमों के साथ खिलवाड़ करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा.
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