Ranchi: उत्पाद सिपाही भ्रर्ती परीक्षा धांधली मामले में 159 अभ्यर्थियों को अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने जमानत दे दी. आरोपियों को 20-20 हजार का दो बेल बांड भरने का कोर्ट ने दिया आदेश है. कुछ अभ्यर्थियों की ओर से वरीय अधिवक्ता अविनाश पांडेय ने बेल पर बहस की और उन्होंने मजबूती से अपना पक्ष रखा. कहा कि आरोपियों को मास्टर माइंड ने बरगलाया था. अभ्यर्थियों को जो पेपर मिले थे उसमें परीक्षा में आये प्रश्नों से दो तीन प्रश्नों के अलावा कोई भी प्रश्न मैच नहीं किया. इससे यह सिद्ध होता है कि मामले 159 अभ्यर्थी दोषी नहीं हैं. इस ठोस पक्ष के आधार अदालत ने अभ्यर्थियों को बेल दिया.
क्या है पूरा मामला
बताते चलें कि उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा 13 अप्रैल को आयोजित होने वाली थी. 12 अप्रैल की रात अभ्यर्थियों को उत्तर रटवाये जा रहे थे. मामले में अभ्यर्थियों सहित 166 आरोपियों को तमाड़ पुलिस ने रड़गांव से गिरफ्तार किया था. उसमें सरगना सहित पांच मास्टरमाइंड, सात महिला व 152 अभ्यर्थी सहित 164 आरोपी शामिल हैं. जमानत के लिए 78 याचिका दाखिल की गयी थी. मामले में तीन बार से अधिक सुनवाई हो चुकी थी. अदालत ने सुनवाई के दौरान केस डायरी की मांग की. लेकिन तमाड़ पुलिस ने केस डायरी प्रस्तुत नहीं किया. जिसके कारण सुनवाई तीन बार टल चुकी थी. इस पर अदालत ने अंतिम मौका देते हुए अगली तारीख तक हर हाल में केस डायरी प्रस्तुत करने का निर्देश दिया.

रड़गांव के नर्सिंग कॉलेज में हुई थी छापेमारी
तमाड़ थाना क्षेत्र के रड़गांव स्थित निर्माणाधीन नर्सिंग कॉलेज में पुलिस छापेमारी के दौरान इस बड़े रैकेट का खुलासा हुआ था. जांच में सामने आया कि परीक्षा से पहले अभ्यर्थियों को प्रश्नों के उत्तर रटवाए जा रहे थे और संगठित गिरोह इस धांधली को अंजाम दे रहा था. अभ्यर्थियों से परीक्षा के पहले तीन लाख व उसके बाद नियुक्ति के समय 10 लाख रुपये पर देना तय किया गया था. लेकिन रडगांव में इतनी संख्या लोगों के जमा होने पर ग्रामीणों को नक्सली या आपराधिक गतिविधियों का शक होने पर पुलिस को सुचना दी थी उसके बाद मामले का खुलासा हुआ था.
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