Ranchi: सुप्रीम कोर्ट ने झारखंड हाईकोर्ट के उस फैसले में हस्तक्षेप करने से इंकार कर दिया है जिसमें झारखंड हाईकोर्ट ने जिला पशुपालन अधिकारी रहे कमलेशवर कुमार भारती की उस याचिका को खारिज कर दिया था. जिसमें उन्होंने अपने खिलाफ चल रहे आपराधिक मामले और कोर्ट द्वारा लिए गए संज्ञान को रद्द करने की मांग की थी. कमलेश्वर कुमार भारती की याचिका पर सुप्रीम कोर्ट के न्यायाधीश जस्टिस संजय कुमार और जस्टिस के विनोद चंद्र्नन की बेंच में सुनवाई हुई.
वीडियो वायरल करने की धमकी देकर करता था ब्लैकमेल
कमलेशवर कुमार भारती पाकुड़ जिले में जिला पशुपालन अधिकारी के पद पर तैनात थे. उनपर आरोप है कि उन्होंने आउटसोर्सिंग के जरिए अनुबंध पर कार्यरत एक जूनियर डिवीजन क्लर्क के रूप में कार्यरत महिला कर्मचारी का नौकरी पर रखने के बदले यौन शोषण किया. इसके अलावा आरोपी अधिकारी पर महिला को देर रात अश्लील मैसेज भेजने आपत्तिजनक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देने और आपराधिक रूप से डराने-धमकाने के भी गंभीर आरोप हैं. पुलिस जांच में ये सभी आरोप सही पाए गए थे.

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