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पेंशनरों के डेटा होगा दुरुस्त: वित्त विभाग ने तैयार किया स्मार्ट इंटरफेस, एजी ऑफिस करेगा सुधार

Ranchi: झारखंड के हजारों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है. वित्त विभाग ने 2016 से पहले के पेंशनरों के डेटा में...

Ranchi: झारखंड के हजारों पेंशनभोगियों के लिए राहत भरी खबर है. वित्त विभाग ने 2016 से पहले के पेंशनरों के डेटा में मौजूद विसंगतियों को दूर करने के लिए एक अत्याधुनिक इंटरफेस तैयार किया है. अब पेंशनरों के नाम, जन्मतिथि और पदनाम जैसी त्रुटियों को सुधारने के लिए लंबी फाइलों का इंतजार नहीं करना होगा, बल्कि ई-पेंशन पोर्टल के जरिए इसे सीधे अपडेट किया जा सकेगा.

पेंशन डेटा की मिसिंग कड़ियां होंगी अब दुरुस्त

2016 से पूर्व के रिटायर्ड कर्मचारियों के डेटाबेस में कई महत्वपूर्ण जानकारियां जैसे जन्मतिथि,योगदान की तिथि और सेवानिवृत्ति की तिथि या तो गायब थीं या उनमें त्रुटियां थीं. इस वजह से पेंशनरों को कई तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. सरकार के उप सचिव ज्योति कुमारी झा द्वारा जारी पत्र के अनुसार, अब प्रधान महालेखाकार कार्यालय को सीधे इस इंटरफेस का एक्सेस दे दिया गया है, ताकि वे खुद इन विवरणों को संशोधित कर सकें.

स्मार्ट सॉफ़्टवेयर में किए गए हैं बदलाव 

• वित्त विभाग ने न केवल इंटरफेस तैयार किया है, बल्कि एजी ऑफिस के अनुरोध पर सॉफ्टवेयर में भी जरूरी बदलाव किए हैं.
• ट्रेजरी कोड और पदनाम अपडेट: अब ई-पेंशन पोर्टल पर सीधे विभाग और ट्रेजरी कोड को सिंक किया जा सकेगा.
• एसओपी और यूजर मैनुअल: तकनीकी पेचीदगियों को खत्म करने के लिए विभाग ने एक ‘स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर भी जारी किया है, जिससे काम में तेजी आएगी.

डिजिटल गवर्नेंस की ओर बढ़ता कदम 

02 अप्रैल को वित्त विभाग द्वारा लिए गए निर्णय के आलोक में यह कदम उठाया गया है. इससे पेंशनभोगियों को अब दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे. सरकार का लक्ष्य है कि आईएफएमएस में मौजूद हर पेंशनर का डेटा 100% सटीक हो, ताकि भविष्य में किसी भी वित्तीय लाभ या एरियर के भुगतान में कोई बाधा न आए.एजी कार्यालय को अब इस नए सिस्टम पर अग्रेतर कार्रवाई करने का जिम्मा सौंपा गया है.

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