हजारीबाग में प्रशासनिक लापरवाही की भेंट चढ़ा सरकारी तालाब, भू-माफियाओं ने 72 घंटों में मिटाया अस्तित्व

Hazaribagh:हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड में सरकारी संपत्तियों की लूट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बेस पंचायत स्थित ‘ललकी पोखर’...

Hazaribagh:हजारीबाग जिले के कटकमदाग प्रखंड में सरकारी संपत्तियों की लूट का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है. बेस पंचायत स्थित ‘ललकी पोखर’ नामक एक विशाल सरकारी तालाब को भू-माफियाओं ने दिन-रात मशीनों का इस्तेमाल कर मिट्टी से भर दिया. चौंकाने वाली बात यह है कि ग्रामीणों द्वारा पहले ही आगाह किए जाने के बावजूद अधिकारियों की चुप्पी ने भू-माफियाओं के हौसले बुलंद कर दिए.

तीन दिन में तालाब बन गया मैदान

ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि इस बड़े तालाब को भरने का काम काफी सुनियोजित तरीके से किया गया. जब माफियाओं ने काम शुरू किया, तभी अंचल कार्यालय और अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) को लिखित आवेदन दिया गया था. इसके बावजूद प्रशासन की ओर से समय पर कोई हस्तक्षेप नहीं हुआ. नतीजा यह हुआ कि मात्र तीन दिनों के भीतर नीलामी होने वाला यह सरकारी तालाब एक समतल मैदान में तब्दील हो गया. जब अमीन और अन्य कर्मचारी मौके पर पहुँचे, तब तक तालाब का वजूद पूरी तरह समाप्त हो चुका था. स्थानीय लोगों का कहना है कि यह सब कुछ भू-माफियाओं और विभाग के कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत के बिना मुमकिन नहीं है.

करोड़पति फर्मों का काला खेल

क्षेत्र में एनटीपीसी और अन्य बड़ी कंपनियों के आने के बाद से कटकमदाग के जंगलों, नदी-नालों और सरकारी जमीनों की कीमतें आसमान छू रही हैं. इसी का फायदा उठाने के लिए कई ‘जमीन लुटेरे’ सिंडिकेट बनाकर सक्रिय हैं. बताया जा रहा है कि एक महीने पहले भी करीब 40 एकड़ जमीन पर कब्जे की कोशिश हुई थी, जिसे महिलाओं के विरोध के बाद रोका गया था. अब तालाब को निशाना बनाकर माफियाओं ने प्रशासन को खुली चुनौती दी है.

बड़ी कार्रवाई: उपायुक्त ने दिए जांच के आदेश, गठित हुई हाई-लेवल कमेटी

कटकमदाग में जमीन घोटाले और तालाब के अतिक्रमण का मामला तूल पकड़ते ही जिला प्रशासन ने सख्त रुख अख्तियार किया है. उपायुक्त (डीसी) ने इस पूरे प्रकरण की गहराई से जांच करने के लिए तीन सदस्यीय विशेष टीम का गठन किया है. कमेटी में एसडीओ (सदर), जिला भू-अर्जन पदाधिकारी और भूमि सुधार उपसमाहर्ता को शामिल किया गया है. प्रशासन द्वारा जारी निर्देश (पत्रांक 810) के अनुसार, यह कमेटी न केवल तालाब के अतिक्रमण की जांच करेगी, बल्कि सिरसी और कटकमदाग के अन्य प्लॉटों पर हुई संदिग्ध जमाबंदी की भी पड़ताल करेगी. डीसी ने स्पष्ट किया है कि सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों और इसमें मदद करने वाले अधिकारियों को बख्शा नहीं जाएगा.

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