Ranchi: अपनी धार्मिक पहचान और संवैधानिक अधिकारों की रक्षा के लिए आदिवासी अधिकार मंच, झारखंड ने रविवार को अल्बर्ट एक्का चौक पर हुंकार भरी. जनगणना प्रपत्र में आदिवासी-सरना धर्म कॉलम को शामिल करने और बैंकिंग सहित सभी सरकारी दस्तावेजों में इसे अनिवार्य बनाने की मांग को लेकर मंच ने प्रदर्शन किया. प्रदर्शन की शुरुआत विश्वकर्मा मंदिर गली से निकले एक विशाल जुलूस के साथ हुई, जो मेन रोड होते हुए अल्बर्ट एक्का चौक पर सभा में तब्दील हो गया.
इस दौरान मंच के राज्य संयोजक सुखनाथ लोहरा ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, कि आजादी से पहले आदिवासियों के लिए पृथक धार्मिक कॉलम मौजूद था, जिसे अब राजनीतिक लाभ के लिए छीना जा रहा है. उन्होंने इसे आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों पर सीधा हमला बताया. प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो यह आंदोलन बूथ स्तर तक और तेज किया जाएगा.

प्रमुख मांगें
जनगणना में अलग कोड: 2021 की जनगणना (जो अब प्रस्तावित है) में सरना धर्म कोड को अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए.
सरकारी कामकाज: बैंक और अन्य सरकारी विभागों के प्रपत्रों में धर्म के कॉलम में आदिवासी-सरना का विकल्प दिया जाए.
राज्य सरकार से अपेक्षा: वक्ताओं ने हेमंत सरकार से भी राज्य के सभी विभागों में इस कॉलम को जल्द लागू करने की मांग की.
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