Palamu: जिले के उपायुक्त दिलीप प्रताप सिंह शेखावत ने राजस्व से जुड़े सभी विभागों द्वारा राजस्व वसूली की समीक्षा की. इस दौरान विभिन्न विभागों को चालू वित्तीय वर्ष में प्राप्त लक्ष्य के विरुद्ध कितनी वसूली की गई है, उससे संबंधित विस्तृत जानकारी ली गई. उन्होंने सभी पदाधिकारियों को लक्ष्य हासिल करने की दिशा में कई दिशा-निर्देश दिए.
खनन क्षेत्र में वसूली बढ़ाने का निर्देश
उपायुक्त ने खनन विभाग की समीक्षा की. वित्तीय वर्ष 2025-26 के तहत 58433.31 लाख रुपये वार्षिक लक्ष्य प्राप्त है, जिसके विरुद्ध अब तक 17000.53 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो लक्ष्य का 29.09 प्रतिशत है. वहीं इस वर्ष का लक्ष्य निर्धारण नहीं हुआ है, हालांकि 1411.91 लाख रुपये की वसूली कर ली गई है. डीसी ने डीएमओ को खनन क्षेत्र में राजस्व वसूली में तेजी लाने की बात कही.

परिवहन विभाग की भी हुई समीक्षा
इसी तरह परिवहन विभाग की समीक्षा करते हुए उपायुक्त ने पाया कि विभाग को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 7608.30 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया था, जिसके विरुद्ध परिवहन विभाग द्वारा अब तक 8475.88 लाख रुपये की राजस्व वसूली कर ली गई है. वर्तमान वित्तीय वर्ष में 8559.34 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य दिया गया है, जिसके विरुद्ध अब तक 996.59 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो 11.64 प्रतिशत है. मोटरयान निरीक्षक पलामू को वर्तमान वित्तीय वर्ष में 505.76 लाख रुपये वसूली के लक्ष्य के विरुद्ध 58.43 लाख रुपये की वसूली हुई है.
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उत्पाद विभाग को बॉर्डर इलाके में छापेमारी का निर्देश
उत्पाद विभाग की समीक्षा के दौरान उत्पाद अधीक्षक ने उपायुक्त को बताया कि उत्पाद विभाग को वित्तीय वर्ष 2026-27 में 20250.81 लाख रुपये वसूली का वार्षिक लक्ष्य प्राप्त है, जिसके विरुद्ध अब तक 1915.67 लाख रुपये की राजस्व वसूली कर ली गई है. उपायुक्त ने बॉर्डर इलाके में लगातार छापेमारी करने के निर्देश दिए.
नगर निगम और अन्य विभागों की भी हुई समीक्षा
इसी तरह वित्तीय वर्ष 2026-27 में मेदिनीनगर नगर निगम को 1604.49 लाख रुपये की वसूली का लक्ष्य है, जिसके विरुद्ध अब तक 122.42 लाख रुपये की वसूली की गई है, जो प्राप्त लक्ष्य का 7.62 प्रतिशत है. इसी तरह अवर निबंधन, राष्ट्रीय बचत विभाग और विद्युत आपूर्ति विभाग की भी समीक्षा की गई. उन्होंने संबंधित विभाग के पदाधिकारियों को शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में योजना बनाते हुए कार्य करने की बात कही. इसी क्रम में उपायुक्त ने सरकार के विभिन्न विभागों को भूमि हस्तांतरण हेतु लंबित भूमि की विवरणी का अंचलवार समीक्षा भी किया.
भू-लगान और दाखिल-खारिज मामलों की समीक्षा
बैठक में भू-लगान, निबंधन, दाखिल-खारिज, सक्सेशन म्यूटेशन, पार्टीशन म्यूटेशन और भूमि सीमांकन की भी समीक्षा की गई. उन्होंने सभी सीओ को निर्धारित समय में म्यूटेशन मामलों का निष्पादन करने पर बल दिया. इसके अलावा 2026-27 में प्राकृतिक आपदाओं एवं राज्य स्तरीय अधिसूचित आपदाओं से प्रभावितों को सहायता राशि स्वीकृति से संबंधित प्रतिवेदन, ई-रेवेन्यू कोर्ट का स्टेटस, लैंड डिमार्केशन और झारखंड लगान कलेक्शन की भी समीक्षा की गई. बैठक में उपायुक्त के अलावा अपर समाहर्ता कुंदन कुमार, हुसैनाबाद एसडीओ, तीनों भूमि सुधार उप समाहर्ता, सभी अंचल अधिकारी समेत अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे.

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