कोलेबिरा: बंदरचुंआ पंचायत में ग्राम सभा की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में मुख्य रूप से नमन विक्सल कोनगाड़ी, विधायक प्रतिनिधि रावेल लकड़ा, जेम्स पी. केरकेट्टा मुख्य रूप से उपस्थित रहे. बैठक को संबोधित करते हुए विधायक नमन विक्सल कोनगाड़ी ने कहा कि पेसा नियमावली 2025 आदिवासी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के स्वशासन और अधिकारों की रक्षा करने वाला ऐतिहासिक कानून है. उन्होंने कहा कि भारत सरकार अधिनियम 1935 से लेकर सीएनटी एक्ट, एसपीटी एक्ट और विल्किंसन रूल जैसे कानून आदिवासी समुदायों को जल, जंगल, जमीन, भाषा, संस्कृति, परंपरा एवं रीति-रिवाजों पर अधिकार प्रदान करते हैं. पेसा नियमावली इन्हीं संवैधानिक अधिकारों को और अधिक मजबूत करने का कार्य करती है. अनुसूचित क्षेत्रों में ग्राम सभा की अनुमति के बिना भूमि अधिग्रहण नहीं किया जा सकता हैं.

सभी सरकारी योजना का चयन ग्राम सभा की सहमति से ही किया जाएगा
लघु वनोपज, बालू घाट तथा छोटे खनिजों पर भी ग्राम सभा का अधिकार होगा. किसी भी सरकारी योजना का चयन ग्राम सभा की सहमति से ही किया जाएगा. इसके लिए ग्राम सभा में 33 प्रतिशत उपस्थिति और उसमें भी 33 प्रतिशत महिलाओं की भागीदारी अनिवार्य होगी. विधायक ने कहा कि स्थानीय विकास, संसाधनों के उपयोग और विवादों के समाधान से जुड़े निर्णय अब अधिकारी नहीं बल्कि ग्राम सभा करेगी. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस पार्टी शुरू से पेसा कानून और आदिवासी अधिकारों की समर्थक रही है, जबकि भाजपा ने हमेशा इस कानून को रोकने और कमजोर करने का काम किया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार बनने के बाद ही पेसा नियमावली लागू की गई ताकि इसका सीधा लाभ स्थानीय ग्राम सभाओं को मिल सके.

भाजपा और आरएसएस पर भी साधा निशाना
बैठक के दौरान विधायक ने भाजपा और आरएसएस पर भी निशाना साधते हुए कहा कि दोनों संगठन मिलकर फिर से “स्वर्ण व्यवस्था” लागू करना चाहते हैं, जबकि कांग्रेस सामाजिक न्याय, समान अधिकार और आदिवासी स्वशासन की पक्षधर रही है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियां बड़े पूंजीपतियों को लाभ पहुंचाने वाली हैं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों की खनिज और वन संपदा का दोहन बढ़ा. बैठक में ग्रामीणों ने भी पेसा नियमावली के प्रभावी क्रियान्वयन और ग्राम सभा के अधिकारों को मजबूत करने की मांग उठाई. मौके पर विकटोर डुंगडुंग, जस्टिन बेक, अजय एक्का, प्रदीप टोप्पो, सुबरदानी लुगून, मुलयनी डांग, दानियेल समद तथा मुखिया बिलयम समद सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.
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