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अब टोल पर नहीं लगेगी लंबी लाइन! दिल्ली में लॉन्च हुआ हाईटेक बैरियर-फ्री सिस्टम

News Wave Desk: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari ने दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम...

News Wave Desk: केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री Nitin Gadkari ने दिल्ली में ट्रैफिक व्यवस्था को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है. उन्होंने अर्बन एक्सटेंशन रोड-II (UER-II) कॉरिडोर पर राजधानी का पहला बैरियर-लेस टोल प्लाजा शुरू किया है. यह अत्याधुनिक टोल प्लाजा मुंडका-बक्करवाला इलाके में बनाया गया है. इसकी सबसे खास बात यह है कि यहां वाहनों को टोल टैक्स देने के लिए रुकना नहीं पड़ेगा. गुजरात के बाद दिल्ली देश का दूसरा राज्य बन गया है, जहां इस तरह की बैरियर-लेस टोल व्यवस्था लागू की गई है. ऐसे में लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर यह नया सिस्टम काम कैसे करता है.

कैसे काम करता है बैरियर-लेस टोल सिस्टम?

नई टोल व्यवस्था में मल्टी-लेन फ्री फ्लो (MLFF) टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया गया है. इस तकनीक के जरिए अब वाहनों को टोल प्लाजा पर रुकने या गति कम करने की जरूरत नहीं होगी. पुराने टोल प्लाजा की तरह लंबी कतारें, बैरियर और इंतजार की परेशानी से राहत मिलेगी. इसके लिए सड़क के ऊपर बड़े गैंट्री स्ट्रक्चर लगाए गए हैं, जिनमें हाईटेक कैमरे और सेंसर फिट हैं. जैसे ही कोई वाहन इनके नीचे से गुजरता है, सिस्टम तुरंत वाहन की पहचान कर टोल राशि स्वतः काट लेता है और वाहन बिना रुके आगे बढ़ जाता है. इस स्मार्ट सिस्टम में ANPR (ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकग्निशन) कैमरे लगे हैं, जो चलते वाहनों की नंबर प्लेट तुरंत स्कैन कर लेते हैं. साथ ही सेंसर वाहन की कैटेगरी, एक्सल और आकार के आधार पर टोल तय करते हैं. इसके बाद वाहन के लिए एक यूनिक ट्रैकिंग आईडी तैयार होती है और टोल शुल्क सीधे FASTag अकाउंट से डिजिटल माध्यम से कट जाता है.

बैरियर-लेस टोल सिस्टम के फायदे

इस नई व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह है कि टोल प्लाजा पर लगने वाले लंबे जाम और वाहनों की कतारों से राहत मिलेगी. अब वाहनों को न रुकना पड़ेगा और न ही बार-बार गति कम करनी होगी. इससे ट्रैफिक पहले से ज्यादा सुगम और तेज चलेगा. इसके अलावा यात्रा में समय की बचत होगी, ईंधन की खपत कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आने की उम्मीद है. बार-बार वाहन रोकने और चलाने की जरूरत खत्म होने से ड्राइवरों को भी अधिक सुविधा मिलेगी.

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इन बातों का रखें ध्यान

हालांकि यह नई व्यवस्था यात्रा को आसान बनाती है, लेकिन वाहन चालकों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनका FASTag एक्टिव हो और उसमें पर्याप्त बैलेंस मौजूद हो. यदि किसी कारण से टोल राशि नहीं कटती है, तो National Highways Authority of India (NHAI) वाहन मालिक को ई-नोटिस भेजेगा. अच्छी बात यह है कि अगर वाहन मालिक 72 घंटे के भीतर बकाया टोल चुका देता है, तो उसे केवल सामान्य टोल शुल्क ही देना होगा. लेकिन तय समय सीमा के बाद भुगतान करने पर दोगुना टोल शुल्क जुर्माने के रूप में देना पड़ सकता है.

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