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काली यादव गिरफ्तारी प्रकरण : SC/ST एक्ट में नहीं, मंत्री के खिलाफ आपत्तिजनक वीडियो वायरल करने के मामले में हुई गिरफ्तारी

अनुसंधान के क्रम में जांच अधिकारी ने हटा दिया था प्राथमिकी से SC/ST एक्ट की धारा सूर्यकांत कमल Chatra : शहर के...

Kali Yadav arrest case
Kali Yadav was arrested not under the SC/ST Act, but in connection with the circulation of an objectionable video

अनुसंधान के क्रम में जांच अधिकारी ने हटा दिया था प्राथमिकी से SC/ST एक्ट की धारा

सूर्यकांत कमल

Chatra : शहर के प्रोफेसर कॉलोनी, नगवां निवासी एवं भाजपा के मीडिया प्रभारी काली यादव को न्यायिक हिरासत में भेजे जाने के मामले में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आया है. पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि काली यादव की गिरफ्तारी SC/ST एक्ट के तहत नहीं, बल्कि एक जनप्रतिनिधि के विरुद्ध अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर प्रसारित करने के मामले में की गई है. पुलिस के अनुसार वर्ष 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान काली यादव ने तत्कालीन श्रम मंत्री सत्यानंद भोक्ता के संबंध में आपत्तिजनक एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करते हुए एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया था. वीडियो में मंत्री के खिलाफ कथित रूप से खस्सी खाने और इलाके की बकरियों को विधवा बनाने जैसी आपत्तिजनक टिप्पणियां की गई थीं, जिससे उनकी सार्वजनिक छवि धूमिल हुई थी.

मंत्री के पुत्र नें दर्ज कराया था FIR

पुलिस के अनुसार इस मामले में तत्कालीन श्रम, नियोजन, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास मंत्री सत्यानंद भोक्ता के पुत्र मुकेश कुमार भोक्ता ने सदर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया था कि काली यादव ने सोशल मीडिया के माध्यम से उनके एवं उनके पिता के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के साथ-साथ जातिसूचक शब्दों का प्रयोग कर अपमानित किया है. शिकायत के आधार पर सदर थाना में SC/ST एक्ट सहित अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

जांच के दौरान आरोप निकला था निराधार

पुलिस अधिकारियों नें बताया कि मामले के अनुसंधान के दौरान अनुसंधानकर्ता अधिकारी को एससी-एसटी एक्ट से संबंधित आरोपों के समर्थन में पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले थे. इसके बाद अनुसंधान रिपोर्ट में काली यादव के विरुद्ध एससी-एसटी एक्ट की धाराएं हटा दी गई और अन्य प्रासंगिक धाराओं में रिपोर्ट समर्पित की गई. पुलिस का कहना है कि न्यायालय के आदेश के अनुपालन में आरोपी काली यादव को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया. साथ ही जेल भेजने से पूर्व उन्हें एवं उनके परिजनों को यह भी स्पष्ट रूप से अवगत करा दिया गया था कि अनुसंधान के दौरान एससी-एसटी एक्ट की धाराएं हटाई जा चुकी हैं तथा गिरफ्तारी अन्य धाराओं में लंबित न्यायिक प्रक्रिया के तहत की जा रही है. पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि इस मामले को लेकर सोशल मीडिया पर भ्रामक या अपुष्ट जानकारी प्रसारित करने से बचें तथा केवल आधिकारिक तथ्यों पर ही विश्वास करें.

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