Saraikela : आज दौर में दलमा वाइल्ड लाइफ सेंचुरी के गेट पर तेंदुआ और टाइगर की बड़ी-बड़ी होर्डिंग तो लगी हुई हैं, परन्तु वन्य जीव-जंतु जंगल में नहीं दिखते, पर्यटक और स्थानीय लोग सवाल उठाते हैं कि आखिर दलमा के जंगल में वन्य प्राणी दिखते क्यों नहीं?
आवास सिकुड़ने से बढ़ा संघर्ष:

वन्यजीव विशेषज्ञों का कहना है कि इसका बड़ा कारण जंगलों का सिकुड़ना, अवैध कटाई, खनन और हाथी कॉरिडोर में मानवीय दखल है. दलमा में भोजन-पानी की कमी और शोर-शराबे के कारण वन्यजीव गहरे जंगल या आसपास के इलाकों की ओर पलायन कर रहे हैं. हाथियों के बाद अब मांसाहारी जानवर भी रिहायशी क्षेत्रों के करीब आने लगे हैं.
टाटानगर यार्ड में तेंदुए की दहशत:
इसी बीच टाटानगर रेलवे यार्ड में तेंदुआ दिखने की सूचना से क्षेत्र में दहशत है, वायरल वीडियो में झाड़ियों के पास दौड़ता वन्य जीव दिखा है, हालांकि वन विभाग ने अभी इसकी पुष्टि नहीं की है, यार्ड में ट्रैप कैमरे लगाए गए हैं और RPF-रेलवे कर्मचारियों को अलर्ट किया गया है.
वीडियो वायरल होते ही मचा हड़कंप:
जमशेदपुर में देर रात सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल होने के बाद वन विभाग के अधिकारियों और रेलवे प्रशासन में हड़कंप मच गया, वीडियो में दावा किया गया है कि टाटानगर स्टेशन यार्ड के पास एक तेंदुआ देखा गया है. सोशल मीडिया पर तेजी से सर्कुलेट हो रहे इस वीडियो में तेंदुए जैसा दिखने वाला एक बड़ा जानवर दौड़ता हुआ नजर आ रहा है. हालांकि, यह जानवर तेंदुआ ही है या कुछ और, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी तक रेलवे प्रशासन या वन विभाग द्वारा नहीं की गई है, रेलवे के सूत्रों का कहना है कि वीडियो की सत्यता और जानवर की मौजूदगी को लेकर गहन जांच की जा रही है.
ट्रैप कैमरे लगाए गए, RPF अलर्ट:
वन विभाग ने जांच शुरू कर दी है और यार्ड क्षेत्र में ट्रैप कैमरे लगाए जा रहे हैं, पगमार्क की भी तलाश की जा रही है, वहीं RPF और रेलवे कर्मचारी हाई अलर्ट पर हैं. रेलवे प्रशासन ने यार्ड में काम करने वाले कर्मचारियों को अकेले न जाने और सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं, रात की शिफ्ट में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है, वन विभाग ने आसपास की बस्तियों में भी मुनादी करा दी है कि लोग रात में अकेले बाहर न निकलें.
क्यों बाहर आ रहे जानवर:
स्थानीय लोगों का कहना है कि दलमा और आसपास के जंगल में शिकार, अतिक्रमण और बालू-पत्थर का अवैध कारोबार बढ़ गया है. हाथियों के भ्रमण क्षेत्र में बस्तियां बस गई हैं. ऐसे में तेंदुआ, लकड़बग्घा जैसे जानवर भोजन की तलाश में रेलवे यार्ड, गोदाम और बस्तियों तक पहुंच रहे हैं.
वन विभाग के सामने कॉरिडोर बचाने और मानव-वन्यजीव संघर्ष रोकने की बड़ी चुनौती है, सिर्फ होर्डिंग लगाने से वन्यजीव नहीं बचेंगे, उनके लिए सुरक्षित आवास और भोजन सुनिश्चित करना होगा. फिलहाल वन विभाग टाटानगर यार्ड में गश्त बढ़ा रहा है और लोगों से रात में अकेले न निकलने की अपील की है.
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