Ranchi: रातु इलाके में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर बड़ा सवाल खड़ा हो गया है. आरोप है कि ग्लोबल किड्स स्कूल सीनियर विंग में प्रशासन की सख्त हिदायतों के बावजूद खुलेआम टुकटुक, ऑटो और मारुति वैन से बच्चों का परिवहन कराया जा रहा है. सबसे गंभीर बात यह है कि इन वाहनों में क्षमता से कई गुना ज्यादा बच्चों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जा रहा है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है.
क्षमता से कई गुना ज्यादा बच्चों को बैठाने का आरोप
अभिभावकों के अनुसार स्कूल प्रबंधन टुकटुक चालकों को करीब 3000 रुपये मासिक किराए पर रखकर बच्चों से उससे दोगुना तक वसूली कर रहा है. आरोप है कि एक-एक टुकटुक में 8 से 9 बच्चों को बैठाया जाता है. इतना ही नहीं, बच्चों को दोनों तरफ लटकाकर और ठूंसकर स्कूल लाने-ले जाने का काम खुलेआम किया जा रहा है.

किराया कम देकर अभिभावकों से ज्यादा वसूली का आरोप
मामला तब सामने आया जब दो दिन पहले एक बच्ची रास्ते में वाहन से गिर गई. हालांकि बच्ची को गंभीर चोट नहीं आई, लेकिन इस घटना ने स्कूल परिवहन व्यवस्था की पोल खोल दी. लोगों का कहना है कि अगर उस दिन कोई बड़ा वाहन पीछे से आ जाता, तो हादसा भयावह हो सकता था. अभिभावकों का आरोप है कि स्कूल प्रबंधन को कई बार इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई गई, लेकिन कोई सुधार नहीं किया गया. उनका कहना है कि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होने और स्कूल प्रशासन के रवैये के डर से अधिकांश अभिभावक खुलकर विरोध भी नहीं कर पा रहे हैं.
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शिकायत के बावजूद नहीं हुआ सुधार
परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि स्कूल द्वारा चलाए जा रहे वाहनों में सुरक्षा के नाम पर कुछ भी नहीं है. न तो बच्चों के बैठने की सुरक्षित व्यवस्था है, न कोई सहायक स्टाफ और न ही किसी तरह का सुरक्षा मानक. ओवरलोडिंग के कारण बच्चों को सफर के दौरान भारी जोखिम उठाना पड़ रहा है.
