Newswavedesk:इस समय शादी का सीजन चल रहा है, शादियों के सीजन में बाजार में रौनक बढ़ जाती है. खासकर कपड़े गहनें की खरीदारी चरम पर होती है. सोने से बनी गहनों का शादी में खासा महत्व होता है. भारतीय परंपरा में सोना सिर्फ धातु नहीं बल्कि भावनाओं , शुभता ऑर समृद्धि का प्रतीक है.
शादियों में सोना क्यों महत्वपूर्ण होता है?
भारत में सोना सिर्फ धातु नहीं बल्कि एक पवित्र धातु माना जाता है. इसे धन के देवी (लक्ष्मी) ऑर सूर्य देव से जोड़ा जाता है. ऐसा मना जाता है कि सोना पहनने से जिंदगी में समृद्धि आती है. साथ ही बुरी नजरों से बचाता है. यह एक सुरक्षा कवच प्रदान करता है. सोना जरूरत पड़ने पर महिलाओं के लिए आर्थिक सहारा भी बनता है. सोना न तो खराब होता है ऑर ना ही इसमें जंग लगती है, यही कारण है कि यह रिश्ते की मजबूती ऑर लंबे समय टीके रहने का प्रतीक माना जाता है. सोना मिडिल वर्ग के लिए ‘ इमोशनल इनवेस्टमेंट’ भी होता है. बच्चे के जन्म के समय से ही थोड़ा -थोड़ा सोना खरीदना शुरू कर दिया जाता है .

भारतीय शादी में सोना शामिल होने के अन्य कारण भी हैं
परंपरा
सोने को मां लक्ष्मी का रूप माना जाता है ऑर दुलहन को लक्ष्मी स्वरूपा समझा जाता है. इसलिए शादी में सोना देना शुभ होता है.
सेहत
वैज्ञानिक दृष्टिकोण से सोना पहनने से शरीर का तापमान संतुलित होता है. इसलिए सोना पहनना सेहत के लिए बढ़िया है.
आर्थिक मदद
भारत में सोना का निवेश सबसे भरोसेमंद माना जाता है. भले ही इसकी कीमत ऊपर-नीचे हो सकती है लेकिन वैल्यू हमेशा बनी ही रहती है. जीवन के मुश्किल समय में सोना आर्थिक रूप से सहायता करता है.
समाज में मान सम्मान
शादी में सोना पहनना परिवार की हैसियत, परंपरा ऑर सम्मान से जुड़ा है. हर वर्ग के लोग क्षमता के अनुसार सोना जरूर देते हैं.
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