रांचीः झारखंड के निकाय चुनाव में झामुमो ने भाजपा के गढ़ में मजबूत घुसपैठ की है। गिरिडीह और देवघर नगर निगम में झामुमो की जीत ने भाजपा के लिए खतरे की घंटी बजा दी है। कांग्रेस के लिए भी निकाय चुनाव बहुत सुखद संकेत नहीं दे गया है। मानगो नगर निगम में कांग्रेस समर्थित सुधा गुप्ता की जीत में पार्टी के प्रभाव से कहीं अधिक पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता के प्रभाव और भाजपा के बिखराव को गया है। वहीं निकाय चुनाव में भाजपा को बड़ा झटका लगा है, लेकिन पार्टी ने हार नहीं मानी है। पार्टी ने बागियों को अपनाने की कोशिश शुरू कर दी है।

झामुमो की कैसे हुई घुसपैठ
• झामुमो ने गिरिडीह और देवघर नगर निगम पर कब्जा जमाया
• कांग्रेस के लिए निकाय चुनाव बहुत सुखद संकेत नहीं
• भाजपा के कद्दावर नेताओं के बीच न तो बेहतर समन्वय दिखा और ना ही पार्टी समर्थित प्रत्याशियों को जीत दिलाने का जज्बा
• बागियों ने भाजपा को बड़ा झटका दिया
निकाय चुनाव ने लिख दी नेताओं के कद की नई कहानी:
निकाय चुनाव में नेताओं के कद की नई कहानी लिखी गई है। जहां कुछ नेताओं का कद बढ़ा है, वहीं कई बड़े नेताओं को झटका लगा है। भाजपा सांसद निशिकांत दूबे, सांसद मनीष जायसवाल और कांग्रेस के पूर्व मंत्री केएन त्रिपाठी जैसे नेताओं को हार का सामना करना पड़ा है।
कैसे लिखी नेताओ के कद की कहनी:
• भाजपा के कई कद्दावर नेताओं का कद घटा
• कांग्रेस के पूर्व मंत्री बन्ना गुप्ता ने अपनी मेहनत और मैनेजमेंट से राजनीतिक प्रभाव बढ़ाया
• झामुमो ने गिरिडीह और देवघर नगर निगम पर कब्जा जमाया
• बागियों ने भाजपा को बड़ा झटका दिया, कई नगर निगमों में भाजपा समर्थित प्रत्याशी हार गए
निकाय चुनाव में बड़ा उलटफेर:
निकाय चुनाव में बागियों ने जबरदस्त जलवा दिखाया है। हजारीबाग में भाजपा के बागी अरविंद राणा ने जीत दर्ज की, जबकि झामुमो के बागी सरफराज अहमद दूसरे स्थान पर रहे। धनबाद में भी भाजपा के बागी की जीत की संभावना है, चाहे वह पूर्व भाजपा विधायक संजीव सिंह हों या भाजपा छोड़ झामुमो में गए चंद्रशेखर अग्रवाल।
• बागियों ने भाजपा को बड़ा झटका दिया
• हजारीबाग में भाजपा के बागी अरविंद राणा ने जीत दर्ज की
• झामुमो के बागी सरफराज अहमद दूसरे स्थान पर रहे

