Chaibasa:पुर्व सांसद गीता कोड़ा आज आयोजित प्रेसवार्ता में गुवा स्थित (सेल) लौह अयस्क खदान में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार, निविदा अनियमितता और सरकारी धन के दुरुपयोग का गंभीर आरोप लगाया. उन्होंने बताया कि वर्ष 2024-25 के लिए सेल द्वारा निविदा संख्या BSL/JGOM/CC/03/2024-25 दिनांक 6 जून 2024 को जारी की गई थी. इस निविदा के तहत खुदाई, क्रशिंग, स्क्रीनिंग, स्टॉकिंग एवं ट्रांसपोर्टिंग का संयुक्त कार्य राकेश कंस्ट्रक्शन को सौंपा गया था. श्रीमती कोड़ा के अनुसार निविदा में प्रतिवर्ष लगभग 4,03,800 टन (-10 mm से 30 mm), 12,11,400 टन (30 mm Lump) तथा 7,96,200 टन फाइंस (-10 mm) लौह अयस्क के प्रसंस्करण एवं परिवहन का लक्ष्य निर्धारित था. कुल मिलाकर करीब 23,88,600 टन लौह अयस्क कार्य किया जाना था.
उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यादेश संख्या JGOM/BSL/CC23/WO/09 दिनांक 29 सितंबर 2024 के तहत ठेकेदार द्वारा निविदा शर्तों का गंभीर उल्लंघन किया गया. आरोप है कि ROM (Raw Ore Material) लौह अयस्क कीअनिवार्य क्रशिंग एवं स्क्रीनिंग के बजाय केवल स्क्रीनिंग का कार्य किया गया, जबकि कागजों में पूर्ण कार्य दर्शाकर करोड़ों रुपये का भुगतान प्राप्त कर लिया गया. प्रेसवार्ता में यह भी कहा गया कि स्क्रीनिंग के बाद लौह अयस्क को निर्धारित स्टॉक यार्ड में रखने के बजाय लगभग दो किलोमीटर दूर पहाड़ी के पीछे छिपाकर रखा गया. गीता कोड़ा ने आरोप लगाया कि ऐसा निगरानी प्रक्रिया से बचने और अनुचित आर्थिक लाभ लेने के उद्देश्य से किया गया. उन्होंने मामले में सेल के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए.

AlsoRead:सुप्रीम कोर्ट ने बिहार और झारखंड के DGP को दिया ये निर्देश
