Ranchi: देश में इंधन की कमी को देखते प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नागरिकों से ईंधन बचाने की अपील की है. साथ ही प्रधानमंत्री ने ईंधन बचाने के लिए सरकारी तंत्र व निजी कंपनियों से भी वर्चुअल मॉड में कार्य करने का आग्रह किया है. इससे प्रभावित होकर जिला के अधिवक्ताओं की ओर से हाईकोर्ट के अधिवक्ता सह भाजपा विधि प्रकोष्ठ के पदाधिकारी सुधीर श्रीवास्तव ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर मांग किया है कि राज्य में स्थित सभी न्यायालय में ऑनलाइन माध्यम से मामले की सुनवाई हो. इससे केवल रांची सिविल कोर्ट के न्यायाधीश, कोर्ट के स्टाफ,अधिवक्ताओं और मुवक्कीलों के क वाहनों के इंधन का खर्च जोड़ा जाये तो तीन हजार लीटर से अधिक इंधन बचेगा.
प्रधानमंत्री की अपील का हवाला देकर भेजा गया सुझाव
सुधीर श्रीवास्तव ने पत्र में प्रधानमंत्री के अपील की चर्चा करते हुए सुझाव दिया की न्यायपालिका में अगर ऑनलाइन सुनवाई शुरू होती है तो हजारों वाहन का आवागमन बंद हो जाएगा जिससे देश का हजारों लीटर ईंधन की बचत होगी. प्रधानमंत्री के अपील पर झारखंड ज्यूडसियल एकेडमी ने अपने संस्थान में दिये जाने प्रशिक्षण को ऑनलाइन मोड कर दिया है. अधिवक्ता सुधीर श्रीवास्तव ने कहा कि कोरोना काल में जिस तरह से न्यायपालिका में वर्चुअल मोड में सुनवाई शुरू हुआ था और न्याय पर कोई फर्क नहीं पड़ा था ठीक उसी तर्ज पर एक बार फिर से इंधन की किल्लत समाप्त होने तक कुछ समय के लिए वर्चुअल मॉड में सुनवाई हो.

मुख्य न्यायाधीश को भेजा गया पत्र
बताते चले कि भारत के प्रधानमंत्री ने देश के नागरिकों से अपील किया है कि देश की मांग है कि फिर से वर्चुअल मॉड में कार्य हो इसी का हवाला देकर अधिवक्ता ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखा है. पत्र की प्रति रांची सिविल कोर्ट के न्यायायुक्त को भी दिया गया है.
