रांची: झारखंड के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की छठी राज्य स्तरीय दो दिवसीय बैठक का भव्य आगाज़ शनिवार को हुआ. 28 फरवरी और 1 मार्च 2026 तक चलने वाले इस महत्वपूर्ण विधिक समागम में राज्य के न्यायविदों और अधिकारियों ने विधिक सहायता और सामाजिक न्याय से जुड़े गंभीर विषयों पर मंथन किया. बैठक के दौरान मानव तस्करी जैसे गंभीर अपराध पर चिंता व्यक्त की गई. चर्चा में यह बात प्रमुखता से उभर कर आई कि मानव तस्करी पर नियंत्रण केवल अपराधियों को पकड़ने से नहीं बल्कि पीड़ितों के प्रभावी पुनर्वास से संभव है. विशेषज्ञों ने इस बात पर जोर दिया कि जब तक पीड़ित को समाज की मुख्यधारा से जोड़कर उसे सुरक्षित भविष्य नहीं दिया जाएगा तब तक इस समस्या का जड़ से उन्मूलन कठिन है.
इसके साथ ही कार्यक्रम के दौरान इस बात पर भी चर्चा की गई कि जाँच अधिकारियों और न्यायिक अधिकारिबच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों (पॉक्सो एक्ट) पर संवेदनशीलता दिखाएँ.जाँच के दौरान अधिकारी नाबालिग पीड़ित को अपनी पुत्री के समान समझें. जब जाँच में व्यक्तिगत जुड़ाव और पिता जैसी संवेदनशीलता होगी तभी न्याय की प्रक्रिया मानवीय और सटीक हो पाएगी. इस कार्यक्रम में हाईकोर्ट के कई न्यायाधीश शामिल हुए.
मानव तस्करी पर अंकुश और पॉक्सो मामलों में संवेदनशीलता जरूरी: DLSA की दो दिवसीय राज्य स्तरीय बैठक शुरू
रांची: झारखंड के सभी जिला विधिक सेवा प्राधिकार (DLSA) की छठी राज्य स्तरीय दो दिवसीय बैठक का भव्य आगाज़ शनिवार को हुआ....
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