News Desk : मिडिल ईस्ट में जारी संघर्ष अब भीषण रूप ले चुका है. अमेरिका और इजराइल की ओर से ईरान पर किए गए हमलों के बाद हालात बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं. जवाबी कार्रवाई में ईरान द्वारा इजराइल और खाड़ी देशों की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने से स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है. इस बीच इजराइल में मौजूद हजारों भारतीय नागरिकों की सुरक्षा को लेकर भारत सरकार पूरी तरह सतर्क है और हालात पर लगातार नजर रखे हुए है.

भारतीय दूतावास अलर्ट, सुरक्षित निकासी की तैयारी
इजराइल में भारत के राजदूत जेपी सिंह ने जानकारी दी है कि दूतावास वहां मौजूद प्रत्येक भारतीय के संपर्क में है. उन्होंने बताया कि सरकार अपने नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए विभिन्न विकल्पों पर काम कर रही है. नई एडवाइजरी जारी करते हुए संकेत दिया गया है कि जरूरत पड़ने पर भारतीयों को सड़क मार्ग से मिस्र या जॉर्डन के रास्ते निकाला जा सकता है. हालांकि मौजूदा हालात में सड़क मार्ग भी जोखिम भरा है, इसलिए दूतावास सुरक्षित अवसर की प्रतीक्षा कर रहा है.
कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय भारत
तनाव को देखते हुए भारत ने कूटनीतिक पहल भी तेज कर दी है. विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची और इजराइल के विदेश मंत्री गिदोन सार से फोन पर बातचीत कर हालात पर चर्चा की है. भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है. खाड़ी देशों में बड़ी संख्या में भारतीयों की मौजूदगी को देखते हुए उनकी सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता बनी हुई है.
भारतीयों के लिए जारी अहम निर्देश
सरकार ने इजराइल में रह रहे सभी भारतीयों से दूतावास की वेबसाइट पर तुरंत पंजीकरण कराने को कहा है. आपात स्थिति के लिए 24 घंटे हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं. नागरिकों को बम शेल्टर और सुरक्षित स्थानों के पास रहने तथा स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है. भारत सरकार ने स्पष्ट किया है कि जैसे ही सुरक्षित अवसर मिलेगा, भारतीयों की घर वापसी सुनिश्चित की जाएगी.

