Latehar : बालूमाथ प्रखंड अंतर्गत पंचायत–सेरेगाड़ा के विभिन्न गांव–टोला के ग्रामीणों ने रेलवे लाइन, कोयला साइडिंग एवं बाइपास सड़क निर्माण कार्य से फैल रहे प्रदूषण, धूलकण और भारी वाहनों की तेज रफ्तार को लेकर उपायुक्त लातेहार को ज्ञापन सौंपते हुए त्वरित कार्रवाई की मांग की है. ग्रामीणों ने बताया कि टोरी से शिवपुर तक बन रही रेलवे लाइन एवं कोयला साइडिंग कार्य के कारण पंचायत–सेरेगाड़ा क्षेत्र के गांवों में लगातार धूल उड़ रही है, हाईवा, ट्रक और भारी वाहनों के तेज परिचालन से गांवों का वातावरण प्रदूषित हो गया है, जिससे किसानों, युवाओं, महिलाओं, बच्चों और पशु-पक्षियों का जीवन प्रभावित हो रहा है.
स्कूली बच्चों को हुई परेशानी

सबसे ज्यादा परेशानी स्कूली बच्चों को हो रही है, ग्रामीणों के अनुसार स्कूल जाने के दौरान बच्चों का पूरा ड्रेस धूल और डस्ट से काला हो जाता है, हाईवा वाहनों की तेज गति के कारण बच्चों को सड़क पार करने और स्कूल आने-जाने में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है. कई बच्चे धूल और प्रदूषण के कारण बेहोश तक हो चुके हैं, अभिभावकों में भय का माहौल बना हुआ है, जिसके चलते कई बच्चों ने स्कूल जाना तक छोड़ दिया है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि भारी वाहनों की गति पर नियंत्रण लगाया जाए, नियमित पानी का छिड़काव कराया जाए तथा स्कूल समय में हाईवा वाहनों के परिचालन पर विशेष निगरानी रखी जाए, साथ ही प्रभावित युवाओं और बेरोजगारों को रोजगार उपलब्ध कराने की भी मांग की गई है.
समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन किया जाएगा
ज्ञापन में यह भी कहा गया है कि प्रभावित गांवों में डीप बोरिंग कर पेयजल की समुचित व्यवस्था की जाए, गांवों और सड़कों पर स्ट्रीट लाइट लगाई जाए तथा शिक्षा, स्वास्थ्य और सड़क जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जाए, ग्रामीणों ने स्थानीय लोगों को प्राथमिकता के आधार पर रोजगार देने की भी मांग उठाई है, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. इस ज्ञापन की प्रतिलिपि पुलिस अधीक्षक लातेहार, अनुमंडल पदाधिकारी लातेहार, भू-अर्जन पदाधिकारी लातेहार, अंचल पदाधिकारी बालूमाथ, थाना प्रभारी बालूमाथ, सांसद कालीचरण सिंह, विधायक प्रकाश राम, जिला परिषद सदस्य प्रियंका कुमारी, मुखिया निलीमा तिर्की, पंचायत समिति सदस्य सरिता देवी, झारखंड सरकार, झारखंड राज्यपाल, भारत सरकार एवं रेलवे मंत्री को भी भेजी गई है.
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