Ranchi: राजधानी रांची स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से एक ऐसा सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने राज्य की प्रशासनिक व्यवस्था और कानून-व्यवस्था को पूरी तरह कटघरे में खड़ा कर दिया है. इस मसले को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखा है. इस पत्र में उन्होंने जेल के भीतर एक असहाय महिला कैदी के यौन शोषण, उसके गर्भवती होने और इस पूरे जघन्य अपराध को दबाने में राज्य के शीर्ष अधिकारियों की सीधी संलिप्तता का आरोप लगाया है.
काराधीक्षक पर गंभीर आरोप
बाबूलाल मरांडी ने पत्र में लिखा है कि जेल की सुरक्षा और न्याय-अभिरक्षा की जिम्मेदारी उठाने वाले अधिकारी ही भक्षक बन चुके हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि जेल के सर्वोच्च पद पर बैठे काराधीक्षक ने एक महिला कैदी का लगातार मानसिक और शारीरिक शोषण किया, जिससे वह गर्भवती हो गई है. पत्र में कारा महानिरीक्षक पर भी इस कुकृत्य को रफा-दफा करने, फाइलें गायब करने और दोषी को प्रशासनिक संरक्षण देने के षड्यंत्र का मुख्य सूत्रधार होने का आरोप लगाया गया है.

pdf 3.0 मुख्यमंत्री को लिखा गया पत्र
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मरांडी ने क्या किया है दावा
- पीड़ित महिला को बीमारी का बहाना बनाकर गुप्त स्थानों पर ले जाया जा रहा है, ताकि अवैध चिकित्सकीय हस्तक्षेप से फॉरेंसिक और जैविक साक्ष्य नष्ट किए जा सकें.
- चश्मदीद गवाहों और अधीनस्थ कर्मचारियों का मुंह बंद रखने के लिए भारी रिश्वत बांटी जा रही है और कुछ महत्वपूर्ण गवाहों का रातों-रात तबादला कर दिया गया है
- यदि दोषी काराधीक्षक और साक्ष्य मिटाने वाले कारा महानिरीक्षक के विरुद्ध तत्काल प्रभाव से त्वरित दंडात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो यह स्वतः सिद्ध हो जाएगा कि इस जघन्य अपराध और संस्थागत भ्रष्टाचार में आप और आपके शीर्ष अधिकारी सीधे तौर पर संलिप्त हैं.
