Ranchi: पूर्व मुख्यमंत्री, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं जनजातीय समाज के सम्मानित नेता अर्जुन मुंडा के साथ चाईबासा परिसदन में जिला प्रशासन द्वारा उपेक्षापूर्ण व्यवहार पर भाजपा ने कड़ा एतराज जताया है. भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने सोशल मीडिया के एक्स हैंडल पर पोस्ट करते हुए राज्य सरकार को लोकतांत्रिक मूल्यों का पाठ पढ़ाते हुए कहा है कि किसी का पद स्थाई नहीं होता, लेकिन लोकतांत्रिक परंपरा हर हाल में कायम रहनी चाहिए.
पद स्थायी नहीं होते, समय के साथ आते-जाते रहते हैं
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा है कि अर्जुन मुंडा के साथ जिस प्रकार का व्यवहार किया गया, वह केवल एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक परंपराओं, प्रशासनिक मर्यादाओं एवं जनजातीय समाज के सम्मान का भी विषय है. पद स्थायी नहीं होते, समय के साथ आते-जाते रहते हैं, लेकिन किसी व्यक्ति का योगदान, अनुभव एवं सामाजिक सम्मान सदैव महत्वपूर्ण रहता है. जो व्यक्ति राज्य के मुख्यमंत्री एवं देश के केंद्रीय मंत्री जैसे महत्वपूर्ण संवैधानिक दायित्वों का निर्वहन कर चुके हो, उसके प्रति सामान्य प्रशासनिक शिष्टाचार एवं गरिमा का पालन किया जाना अपेक्षित था.

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पूर्व सीएम मधु कोड़ा के साथ भी हुआ असम्मानजनक मामला
पूर्व मुख्यमंत्री मधु कोड़ा के साथ भी चाईबासा में डीसी द्वारा असम्मानजनक व्यवहार किए जाने का मामला सामने आ चुका है. क्या यह अब एक परंपरा बनती जा रही है कि जनजातीय समाज के वरिष्ठ नेताओं की गरिमा की अनदेखी की जाए. वर्तमान सरकार के शासनकाल में लोकतांत्रिक मूल्यों, प्रशासनिक संवेदनशीलता एवं सामाजिक सौजन्यता की परंपराएं कमजोर पड़ती दिखाई दे रही हैं. पश्चिम सिंहभूम जैसे ऐतिहासिक एवं जनजातीय बहुल जिले में प्रशासन की इस प्रकार की उदासीनता अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण एवं चिंताजनक है. भारतीय जनता पार्टी सदैव लोकतांत्रिक मर्यादाओं, जनजातीय अस्मिता एवं सम्मानजनक राजनीतिक संस्कृति की पक्षधर रही है. जनजातीय समाज के सम्मानित नेतृत्व के प्रति इस प्रकार का व्यवहार लोकतांत्रिक व्यवस्था एवं सामाजिक सम्मान की भावना को आहत करने वाला है.
