News Wave Desk: बातचीत है सबसे बड़ी दवा रोज 15 मिनट बिना फोन के करें दिल की बातें रिलेशनशिप काउंसलर्स का कहना है कि 70% झगड़े सिर्फ गलतफहमी से होते हैं. पार्टनर से रोज दिल की बात करें. सुनें ज्यादा, जज करें कम. गुस्सा आए तो 20 मिनट का ब्रेक लेकर लौटें तो सॉल्यूशन जल्दी निकलता है.
छोटे काम, बड़ा असर

सुबह की चाय से लेकर थकान में पीठ दबाने तक, लव लैंग्वेज समझना जरूरी है. प्यार जताने के लिए महंगे गिफ्ट जरूरी नहीं हें पार्टनर की लव लैंग्वेज पहचाना जरूरी हैं सुबह चाय बना देना, ऑफिस से लौटते वक्त फेवरेट स्नैक लाना ,जैसे छोटे जेस्चर रिश्ते में मिठास बनाए रखते हैं. रिसर्च बताती है कि रोज Appreciation करने वाले कपल्स 50% ज्यादा खुश रहते हैं.

क्वालिटी टाइम बनाता है बॉन्ड मजबूत

हफ्ते में एक ‘डेट नाइट’ फिक्स करें, फोन दूर रखकर नया कुछ ट्राय करें.एक्सपर्ट्स 2-2-2 नियम समझाते हैं ,हर 2 हफ्ते में डेट ,2 महीने में वीकेंड ट्रिप, 2 साल में बड़ी ट्रिप. साथ में कुकिंग, डांस या वॉक जैसी एक्टिविटी नई यादें बनाती हैं. इस दौरान फोन साइड में रखें ताकि पूरा ध्यान पार्टनर पर रहें.
इज्जत और स्पेस दोनों जरूरी

पार्टनर की ग्रोथ सपोर्ट करें, खुद का ‘Me-Time’ भी न छोड़ें.प्यार में खुद को खो देना खतरनाक है. हफ्ते में 2-3 घंटे अपने शौक, दोस्तों के लिए निकालें. पार्टनर के सपने और करियर को सपोर्ट करें. जलन की जगह ‘तुम्हारी जीत मेरी जीत’ की सोच रखें. गलती पर माफी मांगें और माफ भी करें Ego रिश्ते का सबसे बड़ा दुश्मन है.
परफेक्ट होने की उम्मीदें न रखें

मनोवैज्ञानिकों का कहना है कि परफेक्ट पार्टनर कोई नहीं होता हैं अगर 80% बातें अच्छी हैं तो बाकी 20% पर लड़ने की बजाय समझने की कोशिश करें. फिजिकल के साथ इमोशनल इंटिमेसी भी जरूरी है, डर, सपने शेयर करने से भरोसा बढ़ता है. रिश्ता गार्डन की तरह है, रोज थोड़ी केयर चाहता है.
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