Gumla:आमतौर पर इस तरह की सूचना मिलती है कि भोले भाले लोगों को साइबर ठग करने वाले अपना शिकार बनाते हैं लेकिन इन दोनों अब साइबर ठग करने वाले लोगों का टारगेट जिले के वरीय पदाधिकारी भी बनते हुए नजर आ रहे हैं. इसी क्रम में एक मामला गुमला से सामने आया है जहां गुमला के डीसी दिलेश्वर महतो का फेक व्हाट्सएप बनाकर लोगों को मैसेज किया जा रहा है .इस बात को सामने आने के बाद जिला प्रशासन के पदाधिकारी द्वारा ऐसे लोगों को चिन्हित करके कार्रवाई करने की प्रक्रिया तो की ही जा रही है .साथ ही साथ प्रशासनिक पदाधिकारी ने आम लोगों से आग्रह किया है कि इस तरह के फेक व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया के अकाउंट पर ध्यान नहीं दिया जाए और ऐसी जानकारी अगर किसी को मिलती है तो निश्चित रूप से उसकी सूचना निकटवर्ती पुलिस थाने को दिया जाए ताकि उसे वैसे लोगों पर शक्ति से कार्रवाई की जा सके.
यह पहला मामला नहीं है
गुमला जिला का यह कोई पहला मामला नहीं है इससे पहले भी गुमला के डीसी का फेक फेसबुक अकाउंट बनाकर लोगों से ठगी करने का प्रयास किया गया था इस तरह के मामलों के सामने आने के बाद निश्चित रूप से साइबर ठगी के मामलों की जांच करने वाले एजेंसी को विशेष रूप से सक्रिय होने की आवश्यकता है ताकि इस तरह का गिरोह चलाने वालों पर एक तो शक्ति से कार्रवाई हो सके. साथ ही साथ लोगों को जागरूक करने के लिए भी विशेष कैंप करने की आवश्यकता है तभी जाकर गलत मनसा से इस तरह का काम करने वालों पर कार्रवाई की जा सकती है.


आम लोगों से अपील
जिला के डीसी दिलेश्वर महतो ने आम लोगों से अपील की है कि साइबर ठग से बचने के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर विशेष रूप से सत्तर प्राणी की आवश्यकता है. उन्होंने यह भी कहा कि जिला प्रशासन का प्रयास है कि लगातार साइबर तक से बचाव के लिए जिला से लेकर प्रखंड रास्ता पर जागरूकता कैंप का आयोजन किया जाएगा ताकि आम लोगों को इसकी जानकारी दी जा सके. उन्होंने स्पष्ट कहा है कि किसी भी तरह का इस तरह का मामला जानकारी मिलने के बाद आप एक जागरूक नागरिक बनकर ,इसकी सूचना जिले के वरीय पुलिस पदाधिकारी को दे. अनुमंडल पदाधिकारी को दें, ताकि ऐसे लोगों पर शक्ति से कार्रवाई हो सके क्योंकि एक व्यक्ति की सतर्कता कई लोगों को ठगे जाने से बचा सकती है.
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