होटवार जेल में महिला बंदी से यौन शोषण की पुष्टि, झालसा और डालसा की जांच टीम के सामने पीड़िता ने खोले राज !

Ranchi: रांची जिले के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है. जेल में...

Ranchi: रांची जिले के होटवार स्थित बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार से एक बेहद संवेदनशील और गंभीर मामला सामने आया है. जेल में बंद एक महिला बंदी के साथ यौन शोषण के आरोपों की प्रारंभिक जांच में पुष्टि हो गई है. झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार (झालसा) के निर्देश पर गठित जांच टीम के समक्ष पीड़िता ने खुद के साथ हुए यौन उत्पीड़न की बात को स्वीकार किया है. पीड़िता का आरोप है कि जेल के भीतर ही उच्च अधिकारियों द्वारा उसका शारीरिक शोषण किया गया.

जस्टिस एसएन प्रसाद के निर्देश पर हुई त्वरित कार्रवाई

इस पूरे मामले की गंभीरता को देखते हुए झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद ने सोमवार को संज्ञान लिया था. उन्होंने झालसा सचिव कुमारी रंजना को इस कथित यौन शोषण प्रकरण की निष्पक्ष और त्वरित जांच कराने का कड़ा निर्देश दिया. जस्टिस एसएन प्रसाद के आदेश के तुरंत बाद रांची जिला विधिक सेवा प्राधिकार (डालसा) के सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय जांच टीम का गठन किया गया, जो जांच के लिए सीधे होटवार जेल पहुंची.

जेलर और जेल अधीक्षक पर लगे गंभीर आरोप

जेल पहुंची जांच टीम ने पीड़ित महिला बंदी से बंद कमरे में गहन पूछताछ की. पूछताछ के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में सीधे तौर पर जेल के शीर्ष अधिकारियों को कटघरे में खड़ा किया. महिला का आरोप है कि: जेल के जेलर और जेल अधीक्षक ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए उसके साथ जेल के अंदर यौन शोषण किया. सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम ने अपनी प्रारंभिक तफ्तीश, पीड़िता के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर यौन शोषण की इस घटना को सत्य पाया है.

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विस्तृत रिपोर्ट तैयार, झालसा को सौंपी जाएगी

– जांच को पूरी तरह निष्पक्ष और पुख्ता बनाने के लिए टीम ने केवल पीड़िता ही नहीं, बल्कि कई अन्य पक्षों के भी बयान दर्ज किए हैं.

– पीड़ित महिला बंदी का मुख्य बयान दर्ज किया गया.

– जेल के पीएलवी (पारा लीगल वालंटियर) और जेल डॉक्टर के बयान लिए गए.

– आरोपी जेल अधिकारियों सहित अन्य संदेहास्पद कर्मियों से पूछताछ की गई.

– जेल के सभी वार्डों का बारीकी से निरीक्षण किया गया ताकि सुरक्षा और सीसीटीवी फुटेज आदि की स्थिति को समझा जा सके.

– इस पूरी प्रक्रिया के बाद टीम ने एक विस्तृत और गोपनीय रिपोर्ट तैयार कर झालसा को भेज दी है. यह रिपोर्ट जल्द ही झालसा के कार्यकारी अध्यक्ष जस्टिस एसएन प्रसाद के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी, जिसके बाद दोषियों पर कड़ी कानूनी व प्रशासनिक कार्रवाई तय मानी जा रही है.

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नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने उठाया था मुद्दा

गौरतलब है कि इस पूरे मामले को सबसे पहले राज्य के नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने प्रमुखता से उठाया था. उन्होंने मुख्यमंत्री को एक पत्र लिखकर होटवार जेल में बंद महिला बंदी के साथ हो रहे अत्याचार की उच्च स्तरीय जांच की मांग की थी. मरांडी ने अपने पत्र में बेहद संगीन आरोप लगाते हुए कहा था कि जेल अधीक्षक द्वारा महिला बंदी का यौन शोषण किए जाने के कारण वह गर्भवती हो गई है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया था कि जेल प्रशासन के रसूखदार लोग इस पूरे मामले को दबाने और सबूतों को मिटाने की पुरजोर कोशिश कर रहे हैं.

पीड़िता को मुफ्त कानूनी सहायता और सुरक्षा के निर्देश

मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए डालसा सचिव ने बताया कि पीड़ित महिला को कानूनी न्याय दिलाने के लिए पैनल अधिवक्ता के माध्यम से निशुल्क विधिक सहायता उपलब्ध करा दी गई है.
इसके साथ ही जांच टीम ने जेल प्रशासन को सख्त लहजे में निर्देश दिया है कि, पीड़ित महिला की सुरक्षा और स्वास्थ्य का समुचित ध्यान रखा जाए.उसे जेल के भीतर हर आवश्यक सुरक्षा और सुविधाएं प्रदान की जाएं ताकि उस पर किसी भी प्रकार का मानसिक या शारीरिक दबाव न बनाया जा सके.

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