Hazaribagh:सड़क सुरक्षा को एक बड़े जनआंदोलन का रूप देने की दिशा में हजारीबाग जिला प्रशासन द्वारा एक बेहद अनोखा और सराहनीय कदम उठाया गया. जिला प्रशासन की ओर से ‘सड़क सुरक्षा जागरूकता, काउंसलिंग सह वाहन जांच अभियान’ चलाया गया. जिला परिवहन पदाधिकारी बैजनाथ कामती के नेतृत्व में आयोजित इस विशेष अभियान की सबसे खास बात यह रही कि इसमें राष्ट्रीय स्तर के पर्वतारोहियों ने भाग लिया. इन पर्वतारोहियों ने खुद सड़क पर उतरकर वाहन चालकों की काउंसलिंग की और उन्हें सुरक्षा का महत्व समझाया.

हजारीबाग जिला प्रशासन का अनोखा अभियान; डीटीओ बैजनाथ कामती के नेतृत्व में हुई काउंसलिंग सह वाहन जांच
पहाड़ों के साहसिक अनुभव से दी सड़क सुरक्षा की सीख
अभियान के दौरान राष्ट्रीय पर्वतारोहियों ने वाहन चालकों के साथ अपने पर्वतारोहण के साहसिक अनुभव साझा किए. उन्होंने चालकों को समझाया कि जिस प्रकार पहाड़ों पर चढ़ते समय सुरक्षा उपकरण जीवन बचाने में सबसे अहम भूमिका निभाते हैं, ठीक उसी तरह सड़क पर चलते समय हेलमेट और सीट बेल्ट लोगों की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी हैं. पर्वतारोहियों ने चालकों से भावुक अपील करते हुए कहा कि वाहन चलाते समय हमेशा सुरक्षा उपकरणों का उपयोग करें और अपने परिवार की सुरक्षा सुनिश्चित करें. इस दौरान बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले चालकों को रोककर समझाइश दी गई. साथ ही उन्हें भविष्य में अनिवार्य रूप से नियमों का पालन करने की शपथ भी दिलाई गई.
जुर्माना वसूलना नहीं, सुरक्षित घर पहुंचाना है उद्देश्य: DTO
सड़क पर काउंसलिंग के साथ-साथ सघन वाहन जांच अभियान भी चलाया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों को सुरक्षित ड्राइविंग के प्रति जागरूक करना था. मामले पर जानकारी देते हुए जिला परिवहन पदाधिकारी बैजनाथ कामती ने कहा सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि यह पूरे समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है. इस तरह के अनूठे अभियानों से विशेषकर युवाओं पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा. हमारा उद्देश्य केवल जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि हर नागरिक को सुरक्षित उनके घर पहुंचाना है.
प्रशासनिक अमला रहा मुस्तैद
इस व्यापक अभियान को सफल बनाने के लिए मौके पर डीएसपी ट्रैफिक, मोटरयान निरीक्षक, ट्रैफिक प्रभारी, यातायात पुलिस बल तथा परिवहन विभाग के आईटी सहायक समेत कई वरिष्ठ अधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.सभी ने मिलकर संयुक्त रूप से लोगों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक करने में अपना योगदान दिया.
