Ranchi: झारखंड की राजनीति में उस वक्त नया बवाल खड़ा हो गया, जब भाजपा प्रदेश प्रवक्ता राफिया नाज ने बिरसा मुंडा केंद्रीय कारागार में महिला कैदी के साथ कथित यौन शोषण, गर्भधारण और दबाव में गर्भपात कराए जाने के मामले को लेकर राज्य सरकार पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि झारखंड में अब न्याय नहीं, बल्कि “सत्ता और पहुंच का खेल” चल रहा है. राफिया नाज ने आरोप लगाया कि 23 वर्षीय मुस्लिम महिला कैदी के साथ जेल के अधिकारियों द्वारा महीनों तक कथित यौन शोषण किया गया. जब पीड़िता गर्भवती हुई तो मामले को दबाने के लिए उसका गर्भपात करा दिया गया. उन्होंने कहा कि सबसे गंभीर बात यह है कि पीड़िता अब भी जेल में बंद है, जबकि आरोपित अधिकारी अपने पदों पर बने हुए हैं.

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जेल में भी महिला सुरक्षित नहीं, कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल
उन्होंने कहा कि “जिन्हें सलाखों के पीछे होना चाहिए था, वे सरकारी कुर्सियों पर बैठे हैं. सरकार कार्रवाई करने के बजाय आरोपितों को बचाने और सबूत मिटाने का समय दे रही है.” भाजपा प्रवक्ता ने राज्य सरकार पर पूरे मामले में जानबूझकर चुप्पी साधने का आरोप लगाते हुए कहा कि बाद में केवल औपचारिक जांच का दिखावा कर जनता को गुमराह करने की कोशिश की जाएगी. उन्होंने कहा कि अगर जेल जैसी संवेदनशील जगह भी महिलाओं के लिए सुरक्षित नहीं है, तो यह कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल है.
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भाजपा प्रवक्ता ने आलमगीर आलम पर भी निशाना साधा
राफिया नाज ने कांग्रेस नेता आलमगीर आलम पर भी निशाना साधते हुए कहा कि जिस दौरान यह मामला सामने आया, उस समय वे उसी जेल में बंद थे, लेकिन उन्होंने पीड़िता के समर्थन में एक शब्द तक नहीं कहा. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “जमानत मिलने के बाद स्वागत और मालाएं तो दिखीं, लेकिन न्याय की आवाज नहीं सुनाई दी.” इसके साथ ही उन्होंने राज्य सरकार के मंत्रियों इरफान अंसारी और हफ़ीज़ुल हसन अंसारी पर भी हमला बोला. उन्होंने कहा कि एक मंत्री बयानबाजी में व्यस्त हैं, जबकि दूसरे ने पूरे मामले पर चुप्पी साध रखी है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन से जवाब मांगते हुए भाजपा ने आरोप लगाया कि राज्य में अपराधियों को संरक्षण और पीड़ितों को प्रताड़ना मिल रही है. पार्टी ने मामले की उच्च स्तरीय न्यायिक जांच, आरोपित अधिकारियों की बर्खास्तगी और गिरफ्तारी तथा पीड़िता की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है.
