Hazaribagh: हजारीबाग की राजनीति इन दिनों सम्मान, वर्चस्व और आरोप-प्रत्यारोप की लड़ाई के केंद्र में आ गई है. भाजपा के सांसद और विधायक के बीच चल रहे विवाद पर अब कांग्रेस ने तीखा हमला बोला है. कांग्रेस ने पूर्व विधायक अंबा प्रसाद के हवाले से भाजपा की अंदरूनी खींचतान को “हजारीबाग की नई रामायण” बताते हुए कहा, कि यहां राम और लक्ष्मण ही आमने-सामने हैं, जबकि जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है.

अंबा प्रसाद ने कहा कि हजारीबाग की धरती आज “सीता” की तरह संकट में है. जिले की जनता बिजली, पानी, सड़क, रोजगार और विस्थापन की समस्याओं से जूझ रही है, लेकिन भाजपा नेताओं की प्राथमिकता जनता नहीं बल्कि राजनीतिक वर्चस्व बन गया है. उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “रामायण के अंदर महाभारत चल रहा है और सवाल यह है कि द्रौपदी रूपी जनता की रक्षा कौन करेगा?”
“क्रिकेट मैच ने खोल दी सियासत की परतें”
कांग्रेस ने हाल के क्रिकेट आयोजन और उससे जुड़े विवाद को भाजपा की अंदरूनी राजनीति का खुला प्रदर्शन बताया. इसे लेकर अंबा प्रसाद ने कहा कि जिस मंच पर खेल और युवाओं को बढ़ावा देने की बात होनी चाहिए थी, वहां सम्मान और शक्ति प्रदर्शन की लड़ाई शुरू हो गई. इससे भाजपा के भीतर की गहरी खाई सार्वजनिक हो गई है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं के बीच चल रही बयानबाजी ने यह स्पष्ट कर दिया है, कि सत्ता और प्रभाव को लेकर संघर्ष चरम पर है. कांग्रेस ने इसे “सार्वजनिक राजनीतिक टकराव” बताते हुए कहा कि जनता अब सब कुछ देख और समझ रही है.
“रावण कौन हैं, यह खुद भाजपा नेता बता रहे”
अंबा प्रसाद ने विधायक द्वारा दिए गए उस बयान का उल्लेख किया, जिसमें कई बड़ी कंपनियों के नाम लिए गए थे. उन्होंने कहा कि विधायक ने खुद एनटीपीसी, ऋत्विक, बीजीआर, त्रिवेणी, जिंदल और टाटा जैसी कंपनियों का नाम लेकर गंभीर सवाल खड़े किए हैं. कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यदि सत्ता पक्ष के नेता ही यह कह रहे हैं, कि इन कंपनियों से समझौते हुए हैं और उपहार दिए गए हैं, तो यह बेहद गंभीर विषय है. कांग्रेस ने कहा कि भाजपा को पहले अपने नेताओं के आरोपों का जवाब देना चाहिए. यदि आरोप गलत हैं तो कार्रवाई हो और यदि सही हैं तो जनता को सच्चाई बताई जाए. पार्टी ने कहा कि यह सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी नहीं, बल्कि कोयला क्षेत्र, उद्योग और सत्ता के रिश्तों पर बड़ा सवाल है.
“हनुमान भी मौन, जनता परेशान”
अंबा प्रसाद ने व्यंग्यात्मक अंदाज में कहा कि भाजपा में एक “राम भक्त हनुमान” भी हैं, लेकिन वे पूरी तरह मौन हैं. कांग्रेस ने कहा कि जब जनता समस्याओं से जूझ रही है, तब भाजपा के नेता आपसी टकराव में व्यस्त हैं और जो लोग बोल सकते हैं, वे भी चुप हैं. उन्होंने कहा कि बड़कागांव, केरेडारी और आसपास के कोयला क्षेत्रों में विस्थापन, प्रदूषण, बेरोजगारी और मूलभूत सुविधाओं की भारी समस्या है, लेकिन इन मुद्दों पर गंभीर चर्चा गायब है.
“कोयले की कालिख में भगवा भी काला”
कांग्रेस ने भाजपा पर हमला तेज करते हुए कहा, कि कोयला क्षेत्र की राजनीति में नैतिकता पूरी तरह खत्म हो चुकी है. अंबा प्रसाद ने कहा कि “कोयले का काला रंग अब भगवा पर भी दिखाई देने लगा है.” उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के नाम पर राजनीति करने वाले नेता अब उद्योग, ठेके और प्रभाव की राजनीति में उलझ चुके हैं.
जनता पूछ रही है..विकास कब होगा?
कांग्रेस ने कहा कि हजारीबाग की जनता अब यह पूछ रही है, कि जिले को बिजली संकट, खराब सड़क, पानी की किल्लत, बेरोजगारी और स्वास्थ्य सुविधाओं की समस्या से कब राहत मिलेगी. पार्टी का कहना है कि भाजपा की अंदरूनी लड़ाई ने विकास के मुद्दों को पूरी तरह पीछे धकेल दिया है.
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा के भीतर बढ़ती खींचतान आने वाले दिनों में हजारीबाग की राजनीति को और गर्म कर सकती है. वहीं कांग्रेस इस मौके को भाजपा पर हमले के बड़े राजनीतिक अवसर के रूप में देख रही है.
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