Ranchi: झारखंड भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू ने मतदाता सूची के गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा है. उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की इस नियमित और संवैधानिक प्रक्रिया से कांग्रेस में मची छटपटाहट का असली कारण उनका वोट बैंक खिसकने का डर है. कांग्रेस राज्य में अवैध रूप से बसाए गए फर्जी मतदाताओं को संरक्षण देने के लिए जनता को गुमराह कर रही है.

आठ बार चलाया जा चुका है यह अभियान
आदित्य साहू ने स्पष्ट किया कि देश की चुनाव सुधार प्रक्रिया के तहत SIR कोई पहली बार नहीं हो रहा है. आजादी के बाद से अब तक यह अभियान आठ बार चलाया जा चुका है, जिसमें से अधिकांश बार देश में कांग्रेस या उसके गठबंधन की सरकारें थीं. अंतिम बार यह प्रक्रिया साल 2004 में अपनाई गई थी. तब विरोध न करने वाली कांग्रेस आज सिर्फ राजनीतिक रोटियां सेकने के लिए इस पर सवाल उठा रही है.
चुनाव आयोग फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से त्रुटियों में कर रहा सुधार
उन्होंने जनता को आश्वस्त करते हुए कहा कि SIR एक ऐसा फिल्टर है, जिससे किसी भी वास्तविक और योग्य भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं कटेगा. इसका एकमात्र उद्देश्य मृत, डुप्लीकेट और अपात्र लोगों के नाम हटाकर पारदर्शी चुनाव सुनिश्चित करना है. इसके लिए चुनाव आयोग फॉर्म 6, 7 और 8 के माध्यम से त्रुटियों को सुधार रहा है.
राहुल गांधी को घेरते हुए कहा कि जहां एक तरफ वे इस पर भ्रम फैला रहे हैं, वहीं उनकी ही पार्टी के वरिष्ठ नेता शशि थरूर मान चुके हैं कि केरल में SIR के कारण फर्जी वोटर हटने से कांग्रेस को फायदा हुआ था. इससे साफ है कि विपक्ष इस पूरे मामले पर केवल प्रोपेगेंडा की राजनीति कर रहा है.
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